नई दिल्ली, जेएनएन। तापसी पन्नू की फ़िल्म रश्मि रॉकेट का ट्रेलर गुरुवार शाम को रिलीज़ कर दिया गया और इसके साथ रश्मि रॉकेट को लेकर अब तक जो भी धारणा बनायी है, वो बदल जाएगी, क्योंकि यह सिर्फ़ एक स्पोर्ट्स फ़िल्म नहीं है, बल्कि कहानी उससे आगे की है। दरअसल, रश्मि रॉकेट एथलेटिक्स में प्रचलित एक परम्परा के ख़िलाफ़ क़ानूनी लड़ाई की कहानी है, जिसे तापसी का किरदार लड़ता है। 

ट्रेलर की शुरुआत तापसी के किरदार रश्मि की मां (सुप्रिया पाठक) की आवाज़ के साथ होती है कि वो मेरी बिल्कुल नहीं सुनती। इस आवाज़ के जवाब में दूसरी आवाज़ आती है कि वो ख़ुद की तो सुनती है ना, वही काफ़ी है और यही रश्मि रॉकेट की कहानी का सार भी है।

ख़ुद की सुनने वाली एक लड़की, जो बचपन से ही काफ़ी तेज़ दौड़ती है, पहले तो मेडल जीतती है और फिर एथलेटिक्स एसोसिएशन की एक शर्मिंदा करने वाली परम्परा के ख़िलाफ़ खड़ी होती है। इस लड़ाई में उसका साथ बॉयफ्रेंड देता है, जो फौज में अफ़सर है। यह किरदार प्रियांशु पेन्युली ने निभाया है। अदालत में क़ानूनी लड़ाई लड़ने वाले वकील के रोल में अभिषेक बनर्जी हैं। 

 

 

 

 

 

 

 

 

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रश्मि रॉकेट का ट्रेलर दिलचस्प है। कहानी और फ़िल्म के मिज़ाज का अंदाज़ा ट्रेलर से हो जाता है। रश्मि रॉकेट को आकर्ष खुराना ने निर्देशित किया है। फ़िल्म दशहरे के मौक़े पर 15 अक्टूबर को ज़ी5 पर पर आएगी। निर्माताओं में रॉनी स्क्रूवाला, नेहा आनंद और प्रांजल खंडड़िया शामिल हैं। फ़िल्म नंदा पेरियासामी की कहानी पर आधारित है और लेखन टीम में नंदा पेरियासामी के अलावा अनिरुद्ध गुहा और कनिका ढिल्लों भी शामिल हैं।

कनिका, इससे पहले तापसी की फ़िल्म हसीन दिलरूबा भी लिख चुकी हैं, जो काफ़ी चर्चित रही थी और नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम की गयी थी। सांड की आंख के बाद तापसी की यह दूसरी स्पोर्ट्स फ़िल्म है। सांड की आंख की शूटर दादी की बायोपिक थी। इसके अलावा तापसी क्रिकेटर मिताली राज की बायोपिक शाबाश मिट्ठू भी कर रही हैं।

Edited By: Manoj Vashisth