रुपेशकुमार गुप्ता, मुंबई। रानी मुखर्जी जल्द फिल्म हिचकी के माध्यम से बॉलीवुड में कमबैक करने जा रही हैं। उन्होंने अपने जन्मदिन के मौक पर एक खुला पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने यह माना है कि, वे महिला प्रधान शब्द से घृणा करती हैं। 

आज रानी मुखर्जी का जन्मदिन है। इस खास अवसर पर रानी मुखर्जी ने एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने उनके अभिनेत्री बनने के संघर्ष के बारे में बताया है। इस पत्र में लिखते हुए रानी मुखर्जी कहती हैं, 'एक महिला होने के नाते मैं यह मानती हूं कि मेरी यह यात्रा सरल नहीं थी। मुझे प्रतिदिन खुद को चुनौतियों पर खरा उतारना पड़ता था। एक महिला का करियर बहुत ही छोटा होता है। विवाह होने के बाद महिला की इक्विटी और भी खत्म हो जाती है। जिसके चलते महिलाओं को बॉक्स ऑफिस पर एक बैंकेबल कमोडिटी नहीं समझा जाता। इतना ही नहीं 'महिला प्रधान' फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर खतरा माना जाता है। वैसे मुझे इस 'महिला प्रधान' शब्द से चिढ़ है। एक अभिनेत्री जो कि विवाहित है और अगर वह मां बन जाती है तो समझ लो उसके करियर पर पूर्ण विराम लगाने का समय आ गया है। यह उसके सपनों और आकांक्षाओं के साथ भी होता है। एक अभिनेत्री के तौर पर हम ऐसे कई भेदभावपूर्ण पूर्वाग्रह से प्रतिदिन लड़ते है और उनसे उभरते है।'

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रानी मुखर्जी ने आगे कहा, 'मैंने ऐसे लिंगभेदपूर्ण पूर्वाग्रह से लड़ने का निर्णय किया है, जिसके चलते मैं विवाह करने और मां बनने के बाद फिल्मों में दोबारा काम कर रही हूं और मैं आपको वचन देती हूं कि मैं आगे भी इसी प्रकार इस भेदभावपूर्ण समाज से तब तक लड़ती रहूंगी, जब तक यह समाज से लिंगभेद समाप्त नहीं हो जाता।' 

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रानी मुखर्जी की फिल्म हिचकी 23 मार्च को रिलीज हो रही है जिसका निर्देशन सिद्धार्थ पी मल्होत्रा ने किया है।फिलहाल रानी अपनी इस फिल्म को लेकर व्यस्त हैं और वे कई दिनों से बॉलीवुड सेलेब्स से उनकी हिचकी बारे में पूछ रही हैं। 

 

Edited By: Rahul soni