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Ram Gopal Verma ने अंडरवर्ल्ड डॉन को लेकर किया बड़ा खुलासा, बोले- 'मेरी तो रोजी-रोजी ही दाउद से...'

Published: Sat, 11 Apr 2026 03:46 PM (IST)

राम गोपाल वर्मा ने खुलासा किया है कि 90 के दशक में उन्हें कभी अंडरवर्ल्ड से धमकी नहीं मिली, क्योंकि गैंगस्टरों को उनकी फिल्में 'सत्या' और 'कंपनी' बहुत पसंद थीं।

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। साल 1990 का दशक हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के लिए बेहद खतरनाक दौर था। इस समय इंडस्ट्री पर अंडरवर्ल्ड का दबदबा था। कई अभिनेताओं और फिल्म निर्माताओं ने अंडरवर्ल्ड से धमकी भरे फोन आने की बात स्वीकार की है। दुर्भाग्य से, कुछ को गैंगस्टरों की मांगों के आगे न झुकने पर गोली भी मार दी गई।

अब हाल ही में एक बातचीत में फिल्म निर्माता राम गोपाल वर्मा (Ram Gopal Varma) ने खुलासा किया कि उन्हें कभी ऐसे फोन नहीं आए। उन्होंने यह तक दावा किया कि गैंगस्टरों को उनकी फिल्में 'सत्या' और 'कंपनी' बहुत पसंद थीं, जो उनके जीवन से प्रेरित थीं।

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रामगोपाल वर्मा ने अंडरवर्ल्ड पर बनाई फिल्में 

हाल ही में फिल्मफेयर से बातचीत में RGV ने कहा कि उन्होंने अपनी 'गन्स एंड थाइज' नाम से एक बायोग्राफी दाऊद इब्राहिम को समर्पित थी। हालांकि प्रकाशकों ने उनका नाम हटा दिया था। उन्होंने कहा, “मैंने किताब दाऊद इब्राहिम को भी समर्पित की थी, लेकिन प्रकाशकों ने उनका नाम हटा दिया। अगर दाऊद इब्राहिम नहीं होते तो मैं सत्या और कंपनी जैसी दो ऐतिहासिक फिल्में नहीं बना पाता। मैं उन्हें यह किताब समर्पित कैसे नहीं कर सकता? उन्हीं की वजह से मेरी रोजी-रोटी चल रही है।”

Ram Gopal (1)

क्या RGV को भी आए थे धणकी भरे फोन

वहीं जब राम गोपाल वर्मा से सवाल किया गया कि जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें भी 1990 के दशक में कई अभिनेताओं और फिल्म निर्माताओं की तरह अंडरवर्ल्ड से धमकी भरे फोन आए थे।

इस पर रामगोपाल वर्मा ने कहा, "मैं इकलौता ऐसा व्यक्ति था जिसे कभी धमकी भरे फोन नहीं आए। इसकी वजह यह थी कि उन लोगों को सत्या और कंपनी फिल्में बहुत पसंद थीं। वे मुझे परेशान नहीं करना चाहते थे। मैं एक तरह से उनका हमसफर बन गया था।"

बता दें कि इससे पहले एएनआई से बातचीत में मुंबई के ज्वाइंट सीपी क्राइम (1998-2001) रहे डी. शिवानंदन ने मुंबई में अंडरवर्ल्ड को कंट्रोल करने के लिए कई अभियान चलाए थे।

Ram Gopal (2)

बॉलीवुड को मिलती थी अंडरवर्ल्ड से फंडिंग

उस दौरान उन्होंने ये बात कही थी कि आरजीवी की कुछ फिल्मों को गैंगस्टरों से फंड मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सत्य, कंपनी, शूटआउट एट वडाला और शूटआउट एट लोखंडवाला जैसी फिल्में गैंगस्टरों की छवि सुधारने के लिए बनाई गई थीं। उन्होंने कहा, "इन सभी फिल्मों का फंड वहीं से आया है।" शिवानंदन ने यहां तक दावा किया कि 1970 के दशक की फिल्में, जैसे दीवार और मुकद्दर का सिकंदर भी अंडरवर्ल्ड के द्वारा फंडेड थी।

साल 1990 में कई एक्टर्स, डायरेक्टर्स को धमकी भरे कॉल और मैसेज आए थे। कुछ समय पहले करण जौहर और डायरेक्टर डेविड धवन ने ऐसी ही कॉल्स का जिक्र किया था। टी-सीरीज के मालिक गुलशन कुमार की गुंडों ने दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी।

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