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'इसे एनकाउंटर का शिकार...' OTT से हटने के बाद राम गोपाल वर्मा ने देखी Satluj, दिलजीत की फिल्म के सपोर्ट में उतरे डायरेक्टर

Published: Tue, 07 Jul 2026 01:50 PM (IST)

राम गोपाल वर्मा ने हाल ही में दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' (Satluj) का रिव्यू किया है।

राम गोपाल वर्मा ने किया सतलुज का रिव्यू

राम गोपाल वर्मा ने किया सतलुज का रिव्यू

HighLights

  1. राम गोपाल वर्मा ने किया सतलुज का रिव्यू

  2. ओटीटी से फिल्म को हटाने पर जताई नाराजगी

  3. Zee5 से रिलीज के दो दिन बाद हटाई गई फिल्म

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। राम गोपाल वर्मा ने अधिकारियों से अपील की है कि वे 'सतलुज' की स्क्रीनिंग को लेकर चल रहे विवाद के बीच इसे न रोकें। इसे जरूरी फिल्म-मेकिंग बताते हुए उन्होंने कहा कि यह फिल्म बिना किसी सनसनीखेज अंदाज के एक काले अध्याय को सामने लाती है और ताकतवर लोगों को बेचैन कर देती है।

राम गोपाल वर्मा ने किया सतलुज का रिव्यू

सतलुज ने अधिकारियों से फिल्म को न दबाने की अपील की। उन्होंने हनी त्रेहान की डायरेक्ट की गई इस फिल्म को 'सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक ऐसा गहरा जख्म जो कभी नहीं भरेगा' बताया और इसे जरुरी फिल्म-मेकिंग कहा, जो भारत के इतिहास के सबसे काले चैप्टर्स में से एक को सामने लाती है।

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अपनी बात रखते हुए, रामगोपाल वर्मा (Ram Gopal Varma) ने फिल्म में कलाकारों के काम और उसे बनाने के तरीके की तारीफ की, साथ ही इसके दिखाए जाने को लेकर हुए विवाद को इसके असर से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) स्टारर यह फिल्म बिना उपदेश दिए यह दिखाती है कि कैसे एक लोकतंत्र अपने ही नागरिकों को निगल जाता है और फिर सबूत मिटाने की कोशिश करता है। उन्होंने आगे कहा कि 'कोई भी कला जो ताकतवर लोगों को असहज कर दे, उसने अपना काम कर दिया है'।

जो खालरा के साथ किया वो सतलुज के साथ नहीं

राम गोपाल वर्मा ने अपनी पोस्ट के आखिर में एक अपील करते हुए लिखा, 'कृपया सतलुज के साथ वैसा न करें जैसा जसवंत सिंह खालरा के साथ किया गया था'। उन्होंने अपनी बात ऐन रैंड के इस कोट के साथ खत्म की, 'जब कोई सच को छिपाने की कोशिश करता है, तो वह ज्यादा जोर से चोट करता है'।


ओटीटी से हटी सतलुज (Satluj)

सतलुज को हनी त्रेहान ने डायरेक्ट किया है, फिल्म को 3 जुलाई को जी5 पर रिलीज हुई थी जिसे दो दिन बाद ही हटा दिया गया। हालांकि प्लेटफॉर्म ने इसके पीछे कोई कारण नहीं बताया। फिल्म 3 साल पहले भी सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट नहीं मिलने की वजह से थिएटर्स में रिलीज नहीं हो पाई थी। वहीं अब जब यह ओटीटी पर रिलीज हुई तो इसे यहां से भी हटा दिया गया है जिसके बाद मेकर्स और दिलजीत ने इस पर रिएक्शन भी दिया है।

फिल्म में सुझाए थे 127 कट्स

फिल्म बनाने वालों ने 2022 में 'पंजाब '95' नाम से CBFC (सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन) से सर्टिफिकेशन के लिए अप्लाई किया था, लेकिन बोर्ड के सुझाए गए 127 कट को नहीं माना। आखिरकार उन्होंने 'सतलुज' नाम से OTT पर चुपचाप फिल्म रिलीज कर दी।

'सतलुज' (Satluj) एक बायोपिक ड्रामा है जो मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा (Jaswant Singh Khalra) पर आधारित है, जिनका किरदार दिलजीत दोसांझ ने निभाया है। यह कहानी 1980 और 1990 के दशक की है, जब पंजाब में बहुत उथल-पुथल मची हुई थी, हिंसक उग्रवाद, अलग राज्य (खालिस्तान) की मांग और उग्रवाद से निपटने के लिए सरकार के कड़े ऑपरेशन्स का दौर था।

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