'कानून किसी को नहीं बख्शता...', जेल से निकलते ही Rajpal Yadav ने क्यों कही ऐसी बात?
Rajpal Yadav Debt Case: केस बाउंस केस में राजपाल यादव को तिहाड़ जेल से अंतरिम जमानत मिल गई है। जेल ...और पढ़ें

राजपाल यादव अंतरिम जमानत पर जेल से हैं बाहर। फोटो क्रेडिट- एक्स

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। चेक बाउंस केस में 10 दिन तक जेल में रहने वाले अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) अब रिहा हो चुके हैं। जमानत होने के बाद राजपाल ने एक हालिया इंटरव्यू में बताया कि जेल में कैसे सुधार होने चाहिए। उन्होंने कैदियों और इज्जतदार लोगों के बीच के फर्क को बताया।
16 साल पुराने चेक बाउंस केस में राजपाल यादव को तिहाड़ जेल जाना पड़ा था। उन पर 9 करोड़ रुपये का कर्ज है। अभी उन्होंने ढाई करोड़ जमा कर दिए हैं जिसके बाद उन्हें जमानत मिली है। अब मार्च तक उन्हें बाकी की रकम चुकानी है। इस बीच जेल से बाहर आने के बाद राजपाल यादव ने कैदियों और जेल में होने वाले बदलावों के बारे में बात की है।
जेल में कैदी और इज्जतदार इंसान के बीच फर्क नहीं
राजपाल का कहना है कि जेल को अपग्रेड करने की जरूरत है। एक्टर ने पीटीआई के साथ बातचीत में कहा, "मेरी एक अपील है। हमारे देश में हम एक कैदी और एक इज्जतदार इंसान के बीच का फर्क नहीं जानते लेकिन मैंने देखा है कि आज के समय के हिसाब से जेलों को अपग्रेड करने की जरूरत है।"
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कैदियों के पक्ष में बोले राजपाल यादव
राजपाल यादव ने आगे कहा, "कुछ कैदी ऐसे हैं जिन्हें पहले ही सजा हो चुकी है जिन्हें कोर्ट जाने की जरूरत नहीं है और वे अपनी गलती की वजह से 10 साल से कोर्ट में हैं। समय के साथ उनके बर्ताव और व्यवहार पर ध्यान दिया गया है।"
राजपाल यादव ने कहा, "जैसे कौन बनेगा करोड़पति में लाइफलाइन होती हैं, वैसे ही कम से कम 10% कैदी भी लाइफलाइन के हकदार हैं। अगर उनमें से 10% को रिहा कर दिया जाए और उनका पुनर्वास किया जाए, तो वे हमारे देश के लिए ताकत बन सकते हैं। अगर वे नहीं बदलते हैं तो कानून किसी को नहीं बख्शता।"
