रुपेशकुमार गुप्ता, मुंबई। इस शुक्रवार को अक्षय कुमार और तापसी पन्नू जैसे बड़े नाम वालों की फिल्म नाम शबाना के सामने ' पूर्णा ' रिलीज़ हो रही है लेकिन राहुल बोस इसे मुंबई की लोकल ट्रेन में ' जबरन ' सरक कर सीट पर बैठ जाने जैसी कवायद मानते हैं।

राहुल बोस ने फिल्म पूर्णा का निर्देशन किया है और ये फिल्म एक लड़की के माउंट एवरेस्ट चढ़ने की साहसिक कहानी पर आधारित है। मुंबई में सोमवार को इस फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग हुई। इस मौके पर राहुल ने माना कि उनकी बॉक्स ऑफिस पर नाम शबाना से कोई टक्कर नहीं है। राहुल ने कहा " इस बारे में पॉजीटिव या निगेटिव कुछ नहीं है। मेरा यह मानना है कि सभी के लिए यहाँ जगह है। मुंबई के लोकल ट्रेन में भी जगह आपको मिलती है बस आपको थोड़ी सी उठापटक के बाद ,लेकिन अंत में जगह मिल जाती है। स्पोर्ट्स की दुनिया में भी क्रिकेट के बावजूद जगह मिलती है। कुश्ती लीग, फुटबॉल लीग, बैडमिंटन लीग जैसी बहुत सारे खेलों की लीग चल रही है।" राहुल ने कहा उन्हें किसी भी प्रकार का टेंशन नहीं है। कोई नेगेटिविटी नहीं है। वो फिल्म 'नाम शबाना' को आल द बेस्ट कहते हैं और चाहते हैं कि वो फिल्म बड़ी हिट हो लेकिन साथ उनकी पूर्णा को भी कामयाबी मिल जाए तो इसमें कोई बुराई नहीं है।

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फिल्म 'पूर्णा' एक ऐसी आदिवासी लड़की की कहानी है जिसने मात्र 13 वर्ष की आयु में माउंट एवरेस्ट पर सफलता से चढाई की थी। बता दें कि इस फिल्म को देखने के बाद राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की आंखें भी नम हो गई थीं।

Posted By: Manoj Khadilkar

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