अनुप्रिया वर्मा, मुंबई। प्रनूतन बहल नूतन के परिवार की पांचवीं जेनेरेशन होंगी, जिन्होंने फिल्मी दुनिया में कदम रखा है। नूतन की पीढ़ी से गिनती करें तो उनसे पहले उनकी मां शोभना समर्थ और पिता कुमारसेन समर्थ फिल्मों से जुड़े रहे। शोभना अभिनेत्री बनीं तो कुमारसेन फिल्मों के निर्देशक थे। शोभना ने अपनी फिल्मी करियर की शुरुआत मराठी फिल्मों से की थी। उन्होंने एक दौर में कई बेहतरीन फिल्में कीं।

हिंदी फिल्मों में उन्होंने निगाहें नफरत से शुरुआत की थी। फिल्म राम राज्य में सीता का किरदार निभाने के लिए उन्हें आज भी याद किया जाता है। उन्हें वर्ष 1997 में फिल्मफेयर के स्पेशल अवार्ड से भी नवाजा गया था। बाद में शोभना ने ही नूतन और तनूजा को हिंदी फिल्मों में शामिल करने के लिए कई फिल्मों का निर्माण भी किया। शोभना अभिनय की विरासत मां रतनबाई से लेकर आयी थीं, जो कि 1936 में एक बेहतरीन अभिनेत्री मानी जाती रहीं। रतनबाई उन दिनों फिल्मों में आयी थीं, जब हिंदी सिनेमा में टॉकी फिल्मों की शुरुआत हो गयी थी 1931 में।उन्हें गायिकी में भी दिलचस्पी रही थी।

यह वह दौर था, जब महिलाओं का फिल्मों में आना सम्मानजनक नहीं माना जाता था। इसके बावजूद रतनबाई ने अभिनय की दुनिया में कदम रखा और वर्तमान दौर में उनकी विरासत को उनकी कई पीढ़ियां आगे बढ़ रही हैं।उन्होंने फ्रंटियर ऑफ फ्रीडम जैसी फिल्मों में अभिनय किया। साथ ही उन्होंने भजन गायिकी में भी नया मुकाम बनाया था। बाद में उनकी बेटी शोभना की दिलचस्पी भी फिल्मों में बढ़ी।

शोभना की दोनों बेटियां नूतन और तनूजा हिंदी फिल्मों की सुप्रसिद्ध अभिनेत्रियां बनीं तो नूतन के बेटे मोहनीश फिल्मों में आये, उधर तनूजा की बेटियां काजोल और तनीषा मुखर्जी भी फिल्मों में आयीं। वहीं अब मोहनीश बहल की बेटी प्रनूतन फिल्मों में आ रही हैं। उस लिहाज से देखें तो यह खूबसूरत संयोग है कि नूतन परिवार में सिनेमा के जेनरेशन को आगे बढ़ाने में लड़कियों का अहम योगदान है।

कल्पना की जा सकती है कि अगर नूतन के परिवार में कोई बेटी भी होतीं तो जाहिर है कि उन्हें भी फिल्मों में आने का मौका मिलता। प्रनूतन मोहनीश की बेटी हैं. उस लिहाज से भारतीय सिनेमा में यह एक परिवार की पांचवीं पीढ़ी है, जो अभिनय में कदम रख रही हैं और यह बेहद सम्मान की बात है कि इन पांच पीढ़ियों में महिलाएं सक्रिय रही हैं। दिलचस्प यह होगा कि अगर काजोल की बेटी निसा भी कभी फिल्मों में आती हैं तो वह इस परिवार की छठी जेनरेशन की अभिनेत्री होंगी। फिलहाल तो वह अपनी पढ़ाई पूरी कर रही हैं।

गौर करें, तो भारतीय सिनेमा में जहां एक तरफ कपूर खानदान में अभिनय की शुरुआत बशेश्वर नाथ सिंह कपूर ने की थी। फिर उनके बेटे पृथ्वीराज राज कपूर, फिर उनके तीनों बेटे राजकपूर, शशि कपूर और शम्मी कपूर फिल्मों में सक्रिय रहे। फिर राजकपूर के बेटे रणधीर, ऋषि कपूर और राजीव कपूर फिल्मों में आये। शशि कपूर के बेटे और बेटियां कुणाल कपूर, संजना कपूर फिल्मों में आयीं।

रणधीर की बेटियां करिश्मा कपूर और करीना फिल्मों में आयीं। ऋषि कपूर के बेटे रणबीर कपूर फिल्मों में आये तो जहां कपूर खानदान की पांच पीढ़ी हिंदी सिनेमा की सेवा करती आ रही हैं, वहीं महिला अभिनेत्रियों के इस जेनरेशन को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, जहां महिलाओं ने अभिनय की विरासत को आगे बढ़ाया है और इसे सींच रही हैं। काजोल ने जहां एक बड़ा मुकाम हासिल किया। वहीं उनकी बहन तनीषा खास कामयाब नहीं हो पायीं। वहीं तनूजा और नूतन ने हिंदी सिनेमा के इतिहास में कई बेहतरीन किरदार निभाये हैं।

Posted By: Manoj Vashisth