आशिकों का हाल-ए-दिल बयां करती है Madhubala की आइकॉनिक कव्वाली, 66 साल बाद भी इसे गाकर प्यार का इजहार कर रहे लोग
लता मंगेशकर की आवाज में 66 साल पुरानी Madhubala की आइकॉनिक कव्वाली आज भी आशिकों के दिल का हाल-ए-दिल बयां करती है।

6 दशकों बाद भी आइकॉनिक है मधुबाला का ट्रैक
HighLights
6 दशकों बाद भी आइकॉनिक है मधुबाला का ट्रैक
प्यार में डूबे आशिकों के जुबां पर आज भी चढ़ी है कव्वाली
लता मंगेशकर ने दी थी टाइमलेस ट्रैक को आवाज
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा की सबसे खूबसूरत और टैलेंटेड सुपरस्टार अभिनेत्रियों में से एक मधुबाला (Madhubala) के नाम कई आइकॉनिक परफॉर्मेंसेस हैं। जिनमें मुगल-ए-आजम एक मील का पत्थर साबित हुई थी। फिल्म के साथ-साथ इसके गाने भी काफी मशहूर हुए जो आज भी लोगों की प्ले लिस्ट का हिस्सा हैं।
मधुबाला की आइकॉनिक कव्वाली
इन्हीं ट्रैक में से एक है आइकॉनिक कव्वाली 'तेरी महफिल में किस्मत आजमा कर हम भी देखेंगे' (Teri Mehfil Mein Kismat)। जिसे मधुबाला और निगार सुल्ताना (Nigar Sultana) पर फिल्माया गया था।
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लता मंगेशकर ने बिखेरा अपनी आवाज का जादू
यह एक फेस-ऑफ कव्वाली थी जिसमें मधुबाला के किरदार को लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) और निगार सुल्ताना के किरदार को शमशाद बेगम ने आवाज दी थी।
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कहानी में, सम्राट अकबर के शाही दरबार में अनारकली (मधुबाला) और उसकी ईर्ष्यालु प्रतिद्वंद्वी बहार (निगार सुल्ताना) के बीच एक तीखा, पर इशारों-इशारों में होने वाला संगीतमय मुकाबला होता है, जिसे शहजादा सलीम (Dilip Kumar) देख रहे होते हैं।
शकील बदायूंनी के लिरिक्स अनारकली के भाग्य में लिखे दुखद अंत, उसके विद्रोही तेवर और आगे आने वाले दिल टूटने के अनुभवों को एक्सप्रेस करते हैं।
66 साल बाद भी आशिकों की जुबां पर है गीत
यह कव्वाली फेस-ऑफ सुपरहिट रहा और 66 साल बाद भी आशिकों की जुबां पर चढ़ा रहता है। इस गीत को आज भी संगीतप्रेमी गुनगुनाते हैं। म्यूजिक डायरेक्टर नौशाद की धुन और शकील बदायूंनी के लिखे बोलों से सजा यह गीत, हिंदी सिनेमा के सुनहरे दौर की सबसे बेहतरीन कव्वालियों में से एक माना जाता है।
1960 में रिलीज हुई मुगल-ए-आजम (Mughal-E-Azam) भारतीय सिनेमा की आइकॉनिक फिल्मों में से एक है। यह ब्लॉकबस्टर रही थी वहीं इसके गाने जब प्यार किया तो डरना क्या और मोहे पनघट पे चार्टबस्टर साबित हुए।
फिल्म के बारे में
'मुगल-ए-आजम' 1960 की ऐतिहासिक ड्रामा फिल्म है, जिसे के. आसिफ ने प्रोड्यूस और डायरेक्ट किया है। पृथ्वीराज कपूर, दिलीप कुमार, मधुबाला और दुर्गा खोटे अभिनीत यह फिल्म मुगल शहजादे सलीम और अनारकली की लव स्टोरी पर आधारित है। सलीम के पिता सम्राट अकबर इस रिश्ते को मंजूरी नहीं देते, जिसके चलते पिता और बेटे के बीच युद्ध छिड़ जाता है।
