मुंबई। महमूद जैसा स्टेटस शायद ही किसी कॉमिक एक्टर ने फ़िल्मों में एंजॉय किया हो। सिनेमा की दुनिया में उनके बारे में मशहूर था कि महमूद के कॉमेडी सीन फ़िल्म की कहानी में ख़ास तौर पर जोड़े जाते थे। इतना ही नहीं, महमूद की लोकप्रियता को भुनाने के लिए हीरो की तरह उन पर गाने भी पिक्चराइज़ किये जाते थे। 

महमूद आज ज़िंदा होते तो 85वां जन्म दिन मना रहे होते। 29 सितंबर 1932 को उनका जन्म मुंबई में हुआ था। महमूद के पिता मुमताज़ अली 40-50 के दशक के जाने-माने स्टेज एक्टर और डांसर थे। महमूद आठ भाई-बहन थे। बचपन में महमूद पिता के संग फ़िल्म स्टूडियो जाते थे। यानि एक्टिंग का हुनर उन्हें विरासत में मिला था। महमूद ने बॉम्बे टाकीज़ की फ़िल्म 'किस्मत' से एक्टिंग करियर बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट शुरू किया था। ख़ास बात ये है कि फ़िल्मी परिवार से होते हुए भी महमूद को छोटे-मोट काम भी करने पड़े।

यह भी पढ़ें: सोहा अली ख़ान नवमी पर बनीं मां, पापा कुणाल ने ऐसे शेयर की ख़ुशी

मीना कुमारी को उन्होंने टेबिल टेनिस का खेल सिखाया। डायरेक्टर पीएल संतोषी के वो शॉफ़र रहे। कई साल बाद जब पीएल संतोषी के बेटे राजुकमार संतोषी ने 'अंदाज़ अपना अपना' बनायी तो महमूद के लिए स्पेशल रोल लिखा। आपको याद होगा, फ़िल्म में उन्होंने एक फोटोग्राफर का किरदार प्ले किया था, जो नौजवानों को फ़िल्मों में हीरो बनाने का झांसा देकर पैसे ऐंठता है। सलमान ख़ान के साथ उन्होंने स्क्रीन स्पेस शेयर किया था। बतौर एक्टर ये महमूद की आख़िरी फ़िल्म है।

यह भी पढ़ें: जुड़वा2 में वरुण धवन हुए डबल, 65 साल पहले इस एक्ट्रेस ने निभाया था डबल रोल

मीना कुमारी की छोटी बहन मधु से शादी होने और पिता बनने के बाद महमूद ने आजीविका के लिए एक्टिंग पर फोकस किया। उन्होंने 'सीआईडी' में किलर का किरदार निभाकर एक्टिंग करियर शुरू किया। 'प्यासा' और 'दो बीघा ज़मीन' जैसी फ़िल्मों में उन्होंने रोल्स निभाये। महमूद ने अपनी कॉमेडी से ऐसी धाक जमायी कि एक वक़्त में बड़े-बड़े एक्टर्स उनके साथ स्क्रीन स्पेस शेयर करने से डरने लगे।

साठ के दशक में महमूद ने हिंदी सिनेमा में कॉमेडी को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया था। ये वो दौर था जब महमूद के लिए फ़िल्मों में अलग सींस लिखे जाते थे। अगर उस दौर की फ़िल्मों पर आप ग़ौर करें तो देखेंगे कि हीरो के एक सीन के बाद महमूद का कॉमिक सीन ज़रूर आता था। भले ही उसका ट्रैक हीरो की कहानी से बिल्कुल अलग हो। 

यह भी पढ़ें: जुड़वा2 रिलीज़ हो गयी, क्या टॉप 10 ओपनिंग वीकेंड में बना पाएगी जगह

सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के करियर में भी महमूद का काफ़ी योगदान रहा है। 1972 की फ़िल्म 'बॉम्बे टू गोवा' में महमूद ने ही अमिताभ को लीड रोल दिलाया था। ये वो वक़्त था, जब अमिताभ बॉलीवुड में पैर टिकाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। इस फ़िल्म की बदौलत ही बिग बी को ज़जीर मिली थी, जिसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

महमूद ने एक्टिंग के अलावा फ़िल्मों के निर्देशन और निर्माण में भी हाथ आज़माया। बतौर निर्देशक उनकी आख़िरी फ़िल्म 'दुश्मन दुनिया का' है, जिससे उन्होंने अपने बेटे मंज़ूर अली को लांच किया था। इस फ़िल्म में शाह रुख़ और सलमान ने स्पेशल एपीयरेंस किया था। उनके दूसरे बेटे मक़सूद अली को लोग लकी अली के नाम से जानते हैं, जो लोकप्रिय सिंगर और कंपोज़र हैं। लकी ने कुछ फ़िल्मों में एक्टिंग भी की है। 2004 में 23 जुलाई को महमूद का 72 साल उम्र में निधन हो गया। महमूद की यादगार फ़िल्मों में 'पड़ोसन', 'बॉम्बे टू गोवा', 'कुंवारा बाप', 'गुमनाम' हैं।

Edited By: Manoj Vashisth