लता-ऊषा की आवाज में बना 70s का सबसे बड़ा क्रांतिकारी गाना, नीतू-शबाना आईं नजर; आज भी हिट है कल्ट गीत
लता मंगेशकर और ऊषा मंगेशकर द्वारा गाए एक 49 साल पुराने गाने की आज भी बहुत चर्चा होती है। इसे बॉलीवुड के क्रांतिकारी गीत में गिना जाता है।
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नीतू सिंह और शबाना आजमी पर फिल्माया गया है गाना
HighLights
लता-ऊषा मंगेशकर ने गाया था पॉपुलर गीत
1977 की फिल्म का है क्रांतिकारी गाना
नीतू सिंह- शबाना आजमी पर फिल्माया गया था
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) को बॉलीवुड की स्वर कोकिला कहा जाता है। उन्होंने अपने लंबे करियर में 20 से अधिक भाषाओं में 30,000 से अधिक गाने गाए हैं।
वहीं लता जी की छोटी बहन आशा भोंसले (Asha Bhosle) भी उन्हीं के बराबर चर्चा में रहीं। इस जोड़ी ने साथ में करीब 50 डूएट गाने गाए हैं। लेकिन लता मंगेशकर और आशा भोसले की एक और छोटी बहन है ऊषा मंगेशकर (Usha Mangeshkar) जिनके बारे में कई लोग नहीं जानते।
49 साल पहले हुआ था रिलीज
आज आपको ऊषा मंगेशकर और लता दीदी के एक ऐसे गाने के बारे में बताएंगे जिसे उस दौर का क्रांतिकारी गीत कहा जाता था। हम बात कर रहे हैं साल 1977 में आई फिल्म 'परवरिश' (Parvarish) के गीस 'सब जनता का है' (Sab Janta Ka Hai) की।
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इस गाने में बॉलीवुड की दो दिग्गज अभिनेत्रियां नीतू सिंह और शबाना आजमी नजर आईं। यह गीत उस जमाने का क्रांतीकारी गीत कहलाया क्योंकि इसमें जनता के हक की बात की गई है। दोनों अभिनेत्रियां इसमें इंकलाबी नारे लगाती नजर आईं।
मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे थे तीखे बोल
इस मशहूर गाने को अपनी आवाज से सजाया था लता मंगेशकर और ऊषा मंगेशकर ने और संगीत दिया था लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने। इसके बेहद शक्तिशाली बोल मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे थे। यह गाना गरीबों, मजदूरों और आम जनता के अधिकारों की बात करता है।
इसके बोल 'ये ऊंचे महल सुहाने, ये जो रेशम के कारखाने हैं, ये सब जनता के माल हैं...' आज भी लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। 70 के दशक में जब आम जनता, मजदूरों की आवाज उठाना एक बड़ा मुद्दा था उस समय ये उनके लिए ताकत बनकर आया। यह उस समय की राशन की किल्लत, हेराफेरी और भ्रष्टाचार पर तीखा प्रहार करता है।
सब जनता का है गाने की शूटिंग मुंबई की लाइव लोकेशंस पर हुई है। गाने में दिख रहा ओबेरॉय होटल और मरीन ड्राइव वहां की सबसे मशहूर लोकेशंस में गिना जाता है।
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