विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Lata Mangeshkar ने सी-ग्रेड मूवी में गाया था गाना, जिसने थिएटर्स में मचाया तहलका, दूसरी सिंगर की चमकी थी किस्मत

Published: Wed, 13 May 2026 10:47 PM (IST)

63 साल पहले सिनेमाघरों में एक ऐसी फिल्म आई थी, जो सी ग्रेड लिस्ट की फिल्म थी। हालांकि, लता मंगेशकर की आवाज में गाया एक गाना आज भी ट्रेंडिंग है।

इस गाने को लता मंगेशकर संग इस सिंगर ने किया अमर/ फोटो- Instagram

इस गाने को लता मंगेशकर संग इस सिंगर ने किया अमर/ फोटो- Instagram

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। जब बॉलीवुड में कभी सी-ग्रेड फिल्मों की बात होती है, तो दिमाग में अक्सर यही ख्याल आता है कि वे बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही होंगी। हालांकि, 63 साल पहले एक ऐसी फिल्म रिलीज हुई थी, जो बनी तो लो बजट में थी, लेकिन उसने बॉक्स ऑफिस पर अपने एक गाने के कारण ऐसा तहलका मचाया था कि ऑडियंस उसकी दीवानी हो गई थी। लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) के साथ मिलकर कौन थीं वे सिंगर जिनकी आवाज से सुपरहिट हुआ था यह गाना? पढ़ें यह दिलचस्प किस्सा:

63 साल पहले लता मंगेशकर ने दिया था ये हिट गाना

सी-ग्रेड फिल्म में लता मंगेशकर की आवाज में गाए जिस गाने ने धूम मचाई थी, उसके बोल 'हंसता हुआ नूरानी चेहरा' थे। इस गाने में पहली बार सुर सम्राज्ञी लता मंगेशकर और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की जोड़ी ने काम किया था और कई रिकॉर्ड तोड़े थे। इस गाने को लता मंगेशकर ने अकेले नहीं गाया था, बल्कि उनके साथ उस जमाने की मशहूर सिंगर कमल बारोट ने अपनी आवाज दी थी। दोनों की आवाज में गाया ये गाना उस दौर में बहुत बड़ा हिट हुआ था, जिसे बाद में फिल्म 'हम आपके हैं कौन' में अंताक्षरी के दौरान भी इस्तेमाल किया गया। 

यह भी पढ़ें- Lata Mangeshkar की आवाज... किशोर दा का जादू; 53 साल पुराना गाना आज भी है क्लासिक, पंजाबी में भी कॉपी हुआ सॉन्ग

Photo Credit- Sadabahar HD Songs

सी-ग्रेड फिल्म से रेडियो पर छाने तक का सफर

'हंसता हुआ नूरानी चेहरा' साल 1963 में रिलीज हुई फिल्म 'पारसमणि' का गाना है, जिसमें गीतांजलि, महिपाल, नलिनी चोंकर और मारुति राव मुख्य भूमिका में नजर आए थे। इस फिल्म में उस समय के कोई ए-ग्रेड एक्टर्स नहीं थे। बजट और कास्टिंग के लिहाज से यह उस दौर की सी-ग्रेड फिल्मों की लिस्ट में शामिल हुई थी। हालांकि, जब यह फिल्म रिलीज हुई, तो यह उस दौर की हिट फिल्मों में शुमार हो गई। लता मंगेशकर और कमल बरोट की आवाज में गाया गया यह गीत रेडियो के बेहद लोकप्रिय शो 'बिनाका गीतमाला' में उस पूरे साल छठे नंबर पर रहा था।

 hasta hua noorani

36 वायलिन का लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने किया था इस्तेमाल

म्यूजिक कंपोजर लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का यह पहला स्वतंत्र प्रोजेक्ट था, ऐसे में उन्होंने गाने को बेस्ट बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। उस दौर में जहां नौशाद जैसे दिग्गज संगीतकार गानों में 20 वायलिन का इस्तेमाल करते थे, तो वहीं शंकर-जयकिशन की जोड़ी ने इसे बढ़ाकर 30 कर दिया था। अपनी धुन को भव्य बनाने के लिए लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की जोड़ी ने इस गाने के ऑर्केस्ट्रा में रिकॉर्ड 36 वायलिन का इस्तेमाल किया था। यह गाना आज भी श्रोता एन्जॉय करते हैं। 

यह भी पढ़ें- 56 सालों से रूठे सजन को मना रहा Lata Mangeshkar का गाना, आज भी कल्ट है आशा पारेख का सॉन्ग