नई दिल्ली, जेएनएन। एक बार फिर से बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री से बुरी खबर है। दिलीप कुमार के बाद अब हिंदी सिनेमा के मशहूर निर्माता-निर्देशक कुमार रामसे का निधन हो गया है। वह 85 साल के थे। कुमार रामसे को बॉलीवुड में हॉरर फिल्मों का बादशाह भी कहा जाता है। उन्होंने अपने भाइयों के साथ मिलकर कई हॉरर फिल्मों का निर्माण किया था। कुमार रामसे की वजह से बॉलीवुड में ज्यादा हॉरर फिल्मों को चलन शुरू हुआ था।

कुमार रामसे ने गुरूवार अपने घर पर आखिरी सांस ली। दिल का दौरा पड़ने से उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। वह रामसे ब्रदर्स की टीम में से थे। उनके निधन की जानकारी बेटे गोपाल ने दी है। न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए गोपाल ने कहा, 'आज सुबह करीब साढ़े पांच बजे दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। वह हम सबको बहुत जल्द छोड़कर चले गए। अंतिम संस्कार दोपहर करीब 12 बजे होगा।'

कुमार निर्माता एफयू रामसे के बेटे और सात भाइयों में सबसे बड़े थे। उन्होंने अपने भाई तुलसी, श्याम, केशु, किरण, गंगू और अर्जुन के साथ मिलकर हॉरर फिल्मों की शैली से लंबे समय तक बॉलीवुड पर राज किया। इन सभी भाइयों ने रामसे ब्रदर्स के बैनर तले 70 और 80 के दशक में कम बजट की कई कल्ट हॉरर फिल्में बनाईं। कुमार रामसे ने "पुराना मंदिर" (1984), "साया" (1989), जिसमें शत्रुघ्न सिन्हा थे, और 1989 की हिट "खोज" जैसी कई फिल्मों में अपनी पटकथा से दर्शकों के दिलों को जीता था।

कुमार रामसे ने "और कौन?" (1979) और 1981 में "दहशत" जैसी फिल्मों को प्रोड्यूस किया था। उनके छोटे भाई तुलसी और श्याम का साल 2018 और 2019 में निधन हो गया। कुमार रामसे के भाई किरण जो फिल्मों में घून पर काम संभालते थे उनका साल 2017 में निधन हो गया था। वहीं उनके भाई केशु जो फिल्म में प्रोड्क्शन का काम संभालते थे उन्होंने साल 2010 में आखिरी सांस ली।

कुमार रामसे के निधन से बॉलीवुड में शोक का माहौल है। फैंस और तमाम फिल्मी सितारे कुमार रामसे को याद कर रहे हैं। साथ ही सोशल मीडिया के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि भी दे रहे हैं। उनसे पहले हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार का बुधवार को निधन हो गया था। वह 98 साल के थे। उनका निधन मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में हुआ था।  

Edited By: Anand Kashyap