नई दिल्ली, जेएनएन। फ़िल्म डायरेक्टर और प्रोड्यूसर करण जौहर ने साल 2001 में अपने करियर की बड़ी फ़िल्मों में से एक 'कभी ख़ुशी कभी गम' बनायी। इस फ़िल्म को लेकर करण जौहर का कहना है कि  यह फ़िल्म उनके चेहरे पर सबसे बड़ा तमाचा है। करण ने कहा कि उन्हें लगा कि वह कोई क्लासिक कल्ट फ़िल्म बना रहे हैं, लेकिन वास्तविकता इससे अलग है। हालांकि, कभी खु़शी कभी गम बॉक्स ऑफ़िस पर सफल रही थी। 

न्यूज़ एजेंसी आइएनएस के मुताबिक, करण ने कभी ख़ुशी कभी गम को लेकर कहा, ' मुझे लगा कि मैं आमिर ख़ान की 'लगान', फ़रहान अख्तर की 'दिल चाहता है' और 'मुगले-ए-आजम' जैसी बड़ी फ़िल्म बना रहा हूं।' करण ने कहा, 'फ़िल्म में मेरा मुख्य उद्देश्य एक शानदार स्टार कास्ट थी। मैंने 'कुछ कुछ होता है' बनाई, जो 'कभी खु़शी कभी गम' जैसी ही थी। मैंने इस फ़िल्म के लिए 'हम आपके हैं कौन' से स्टोरी लाइन ली और पारिवारिक वैल्यू को जोड़ दिया। 'कभी खुशी कभी गम' मेरे चेहरे पर एकमात्र सबसे बड़ा तमाचा था और वास्तविकता से मेरा सामना भी था'

'कभी खु़शी कभी गम' एक फैमली ड्रामा फ़िल्म थी। इस फ़िल्म में अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, शाहरुख़ ख़ान, काजोल, रितिक रोशन और करीना कपूर खान जैसे स्टार्स मुख्य भूमिकाओं में थे। रानी मुखर्जी का भी कैमियो था। करण की इस फ़िल्म में भारतीय परिवार की कहानी बताई गई थी, जो कि शादी और सामाजिक-आर्थिक तानेबाने की बीच बुनी गई थी। करण जौहर ने इस फ़िल्म को लेकर ऑडिएबल सुनो के शो 'पिक्चर के पीछे' में बात की। 

घोस्ट स्टोरीज़ को लेकर भी दिया है बयान 

करण जौहर ने इससे पहले अपनी एंथोलॉजी फ़िस्म घोस्ट स्टोरीज़ को लेकर भी कुछ ऐसा ही बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हॉरर उनका जॉनर नहीं है। 'घोस्ट स्टोरीज़' के बाद वह एक भी ऐसी फ़िल्म नहीं बना रहे हैं। आपको बता दें कि 'घोस्ट स्टोरीज़' इस साल 1 जनवरी को नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ हुई थी। इस फ़िल्म को उम्मीदों के मुताबिक दर्शकों का प्यार नहीं मिला। 

Posted By: Rajat Singh

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