अनुप्रिया वर्मा, मुंबई। जाह्नवी कपूर अपनी फिल्म धड़क को लेकर उत्साहित हैं. उनका कहना है कि जब वह इस फिल्म से जुड़ी थीं, तो किसी स्टार किड के रूप में नहीं जुड़ी थीं. वह यह सोच कर आयी हैं कि उनकी यह पहली फिल्म है और उनसे कितनी अपेक्षाएं हैं. जाह्नवी का कहना है कि लोग उन्हें एक मौका दें तो वह दिखाना चाहती हैं कि वह क्या कर सकती हैं, क्या नहीं.

जागरण डॉट कॉम ने जब उनसे जानना चाहा कि अभी सोशल मीडिया पर भी उनकी फिल्म को लेकर जबरदस्त ट्रोलिंग हो रही है. यह भी कहा जा रहा है कि उनके लिए सबकुछ आसान रहा है, क्योंकि वह स्टार किड हैं. ऐसे लोगों से वह क्या कहना चाहती हैं?, जाह्नवी ने बेहद स्पष्ट रूप से अपनी बात रखते हुए कहा है कि वो फेसलेस लोग हैं. मैं मानती हूं कि उनको लगता होगा कि मैं आसानी से यहां तक पहुंच गयी हूं. मेरे स्ट्रगल नहीं हैं. उनमें एक स्टिगमा है. कई लोगों को यह भी लगता है कि मैंने उनसे यह मौका छीन लिया है. लोग आपको चेहरे पर ये सारी बातें तो नहीं बोलेंगे, क्योंकि सोशल मीडिया पर आपका चेहरा नहीं होता और न ही पकड़े जाने का डर होता है.मैं यह समझती भी हूं कि ऐसे कई लोग हैं, जो कैमरे के सामने एक बार आना चाहते हैं लेकिन उन्हें मौके नहीं मिल पाते हैं. तो ऐसे में उनका झल्लाना समझ आता है लेकिन मैं उनका भी दिल जीतना चाहती हूं. मैं चाहती हूं कि वह भी मुझे प्यार करें. मुझे प्यार दें. मैं उनसे कोई शिकायत नहीं करना चाहती, क्योंकि वह आकर नहीं देख रहे हैं कि मैं क्या मेहनत कर रही हूं क्या नहीं कर रही हूं.

जाह्नवी कहती हैं कि लेकिन उन्हें हैरानी होती है कि लोग क्यों नेगेटिविटी में ज्यादा यकीन करते हैं और नेगेटिव चीजें ही क्यों अधिक लोकप्रिय हो जाती हैं, क्यों लोग दूसरों का अच्छा होने से खुश नहीं रह सकते. जाह्नवी कहती हैं कि वह अपने आस-पास के लोगों के साथ सिर्फ पोजिटिविटी बांटने में ही यकीन करती हैं. उनका कहना है कि उन्हें मौका मिला है तो वह इसका गलत फायदा नहीं उठाने वाली है. मां श्रीदेवी से होने वाली तुलना के बारे में जाह्नवी का कहना है कि उनको पता है कि उनकी मां लीजेंडरी अभिनेत्री रही और उन्होंने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को काफी कुछ दिया है तो अगर उनकी बेटी सामने आ रही है तो जाहिर है कि तुलना होगी. लेकिन जाह्नवी इस बात को पॉजिटिविटी के रूप में देखती हैं और इसी रूप में वह आगे बढ़ना चाहती हैं. जाह्नवी ने साथ ही यह भी कहा कि जब मैं इस फिल्म को कर रही थी तो इस किरदार के बारे में सोच रही थी. यह नहीं सोच रही थी कि मुझे एक परिवार की लीगेसी को होल्ड करना है. वह सब बैगेज नहीं लेकर चली थी. लेकिन अब जब मीडिया से बातें कर रही हूं तो चूंकि सभी यह सवाल पूछ रहे हैं तो समझ आ रहा है कि जिम्मेदारी जैसा महसूस कर रही हूं. मां को और पूरे परिवार को बहुत प्यार अब तक मिलता आया है. रिस्पेक्ट मिली है. लेकिन मैं यह भी जानती हूं कि वह रिस्पेक्ट कमाना पड़ता है और मैं वही कमाने आयी हूं.

जाह्नवी यह भी कहती हैं कि सोशल मीडिया में जिस तरह से फिल्म की रिलीज से पहले ही लोगों को मुझे लेकर उत्सुकता है. मैं इस बात का ख्याल रख रही हूं और समझ रही हूं कि वह एक नकली दुनिया है. वहां लोग चढ़ाते है. वह खोखली दुनिया है. जाह्नवी कहती हैं कि मैं एक्टिंग इसलिए करना चाहती थीं क्योंकि मैं नयी चीजों को एक्सपीरियंस करना चाहती थीं. नयी चीजें सीख पाऊं. धड़क फिल्म के कैरेक्टर के बारे में वह कहती हैं कि मेरे कैरेक्टर की जो जर्नी है और जो ग्राफ है, उसकी जो जर्नी है, उसकी पूरी दुनिया मुझसे बहुत अलग है. वह उदयपुर की है, मैं मुंबई की है. उसकी परवरिश भी अलग है. मैं फिल्मी खानदान से हूं और वह राजसी खानदान से है. बोलने का तरीका, उठने बैठने का तरीका है. तो मुझे ये सब एक्सप्लोर करने में बहुत मजा आया. अगर मैं यह फिल्म नहीं करती तो शायद मुझे मेवाड़ी कल्चर के बारे में जानने का मौका नहीं मिलता. राजस्थानी इतिहास के बारे में जानने का मौका नहीं मिलता. लाल मांस खाने का मौका नहीं मिलता. जाहन्वी कहती हैं कि उन्होंने वहां जाकर काफी लोगों के साथ वक्त बिताया है.

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Posted By: Manoj Khadilkar

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