अनुप्रिया वर्मा, मुंबई। 21 मार्च वर्ल्ड पोयेट्री डे के मौके पर मशहूर गीतकार इरशाद कामिल ने एक नया प्रयोग किया है। वह द इंक बैंड नामक एक बैंड लेकर आये हैं, जहां वह अपनी कविताओं के साथ म्यूजिकल ट्रीटमेंट कर रहे हैं। उनके इस बैंड में कई म्यूजिक निर्देशक और युवा सिंगर हैं।

इरशाद ने जागरण डॉट कॉम से बातचीत के दौरान बताया कि वह लगभग वर्ष 2015 से ही इस काम में लगे हुए थे। उन्होंने इस बैंड के साथ कई शोज किये और उन्हें अच्छा रिस्पांस मिला, तो उन्होंने तय किया कि वह इसे अब एक शो के रूप में दर्शकों के सामने लायेंगे। खास बात यह है कि उन्होंने इस सीजन का पहला वीडियो आज वर्ल्ड पोयेट्री डे के मौके पर लांच किया है और इसे लांच किया है अकादमी पुरस्कार विजेता एआर रहमान ने। एआर रहमान ने इस प्रयोग के बारे में कहा है कि लाइफ पोयेट्री के बिना हैं ही क्या और हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को अगर इरशाद न मिलते तो इसका रूप क्या होगा। उनके लिखे कई गाने लोगों के दिलों में घर कर चुके हैं। उनके इस नये वेंचर के लिए मैं उन्हें खूब सारी बधाई देता हूं। एआर रहमान ने अपने सारे सोशल नेटवर्किंग साइट पर इरशाद के इस प्रयोग की प्रशंसा की है।

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इरशाद ने आगे इस बारे में बात करते हुए कहा है कि द इंक बैंड का मकसद सिंपल तरीके से सांग्स और पोयेम के साथ म्यूजिक को ब्लेंड कर और उसमें सही तालमेल बिठा कर दर्शकों तक पहुंचाना है। इरशाद मानते हैं कि पोयेट्री का दौर लौटा है। तभी तो हर व्यक्ति सोशल मीडिया पर अपने स्टेटस के रूप में पोयेट्री की दो लाइनें लिख कर या किसी और की लिखी शेयर कर रहा है। इसका मतलब है कि लोगों में दिलचस्पी बढ़ी है। इरशाद रेख्ता जैसे प्लैटफॉर्म की तारीफ करते हुए कहते हैं कि इस तरह के मंट से एक बार फिर से पोयेट्री को लाइव बना दिया है। इरशाद कहते हैं कि उन्हें अब यह तो याद नहीं है कि उन्होंने पहली बार पोयेम लिखना कैसे शुरू किया... लेकिन उन्हें कॉलेज और स्कूल के दिनों से ही शायरी कहने और सुनाने का शौक रहा। लिटरेचर में सर्वोच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद जब उन्होंने फिल्मों के लिए गीत लिखने शुरू किये तो उन्हें लगा कि उन्हें दर्शक मिल गये।इरशाद का मानना है कि किसी भी गीतकार का किसी भी भाषा या शब्द पर मालिकाना अधिकार नहीं हो सकता है। वह कहते हैं कि वह शब्दों का इस्तेमाल फिल्मों में लिखे किरदारों के मुताबिक करते हैं।

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शाहरुख-सलमान की कई फिल्मों के लिए गीत लिख चुके इरशाद कहते हैं कि स्टार्स कभी उनके जेहन में नहीं रहते। वह कहानी के माध्यम से ही गाने रचते हैं। हाल ही में उनकी फिल्म एक था टाइगर के गीत दिल दियां गल्ला... काफी लोकप्रिय हुआ है। स्वैग से स्वागत को लिखते हुए उनके दिमाग में सलमान नहीं टाइगर का एटीट्यूड था। उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही वह सलमान की अगली फिल्म भारत के गाने की लेखनी में जुट जायेंगे। इरशाद कहते हैं कि वह जब रॉकस्टार के लिए गाने लिखते हैं तो वह खुद जॉर्डन बन जाते हैं तो टाइगर के लिए लिखते हुए वह खुद को टाइगर बनाते हैं। तब जाकर वह गाने लिख पाते हैं। इरशाद का कहना है कि उनकी कोशिश होती है कि वह कभी भी किसी गाने में रिपीटेशन न लायें। वह कहते हैं कि यही वजह है कि वह काफी मेहनत और खुद को हमेशा रिवाइव करने की कोशिश में जुटे रहते हैं. आयटम सांग के बारे में इरशाद कहते हैं कि वह इस तरह के गाने लिखने से बचते रहे हैं। लेकिन कोई और लिखे तो उन्हें इससे आपत्ति नहीं है। द इंक बैंड के फ्यूचर उद्देश्य के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया है कि वह हर हफ्ते एक नये वीडियो के साथ आयेंगे।उनका पहला वीडियो वो लड़की है। इस बैंड के लिए जितने भी पोयेम हैं, सारे इरशाद ने ही लिखे हैं। इरशाद कहते हैं कि उनका काम सिर्फ हिंदी सिनेमा के गाने लिखने तक सीमित नहीं हैं। वह कॉलेज में जाकर लोगों से मिलना, पोयेम, शायरी, साहित्य पर बातचीत और चर्चा करना पसंद करते हैं। उनका यह वीडियो इरशाद के यूटयूब चैनल पर देख सकते हैं। इस बैंड में प्राजक्ता सुकरे, एगनेल रोमन, रागिनी शंकर, श्रीधर नागराज, अंकूश बोराडकर, दीपांशु पंडित शामिल हैं। इरशाद की आने वाली फिल्मों में भारत व कई फिल्में शामिल हैं।

By Rahul soni