अनुप्रिया वर्मा, मुंबई। इम्तियाज़ अली की फिल्म लैला मजनू जल्द ही दर्शकों के सामने होगी. उनके भाई साजिद अली फिल्म का निर्देशन कर रहे हैं और इम्तियाज़ के साथ एकता फिल्म का निर्माण कर रहे हैं.

इम्तियाज़ ने इस फिल्म के बारे में बातचीत करते हुए कहा कि साजिद भले ही मेरे छोटे भाई हैं लेकिन मैं कहूंगा कि मैंने उनकी फिल्म को जितना देखा है, मैं ऐसा महसूस कर रहा हूं कि उनके पास अपनी ओरिजनल व्यॉस है. वह काफी प्योर फिल्ममेकर हैं. बतौर निर्देशक वह कुछ भी ऐसा नहीं करेंगे, जिससे कि लोग इंप्रेस हों. वह आर्टिफिशियल नहीं हैं. पूरी फिल्म में उन्होंने कोई भी शॉटकट नहीं लिया है. दूसरी बात यह है कि साजिद का म्यूजिक सेंस कमाल का है. फिल्म के म्यूजिक को लेकर बात करते हुए इम्तियाज कहते हैं कि निलाद्री से मेरा मिलना एक कॉमन फ्रेंड की वजह से हुआ.फिर मैं उससे मिला तो मुझे लगा कि वह काफी यंग है लेकिन कितना टैलेंटेड है. फिर हम दोनों साथ आये. इसके अलावा जॉय बरुआ का संगीत हमने लिया है. वह असम से हैं. मैं बहुत खुश हूं कि साजिद ने इस तरह के संगीतकारों को जोड़ा अपनी फिल्म से.

इम्तियाज़ अली ने ए आर रहमान के साथ काफी काम किया है. ऐसे में उन्हें क्या इस फिल्म के लिए उनका ख्याल आया? इम्तियाज कहते हैं कि नहीं, बिल्कुल नहीं मुझे लगा कि साजिद को खुद से इसे करने देना चाहिए. इम्तियाज कहते हैं कि वह मानते हैं कि कभी भी किसी को भी डायरेक्टर की बहन या डायरेक्टर के भाई के रूप में आना नहीं चाहिए. इसलिए मैं नहीं चाहता था कि हम कभी साथ में काम करें. इसलिए मैंने कभी उन लोगों को अपनी फिल्मों के सेट पर आने नहीं दिया. मैं कभी उन्हें हायर नहीं करूंगा. वह अपने से सीखे, मैं गाइड करूंगा. लेकिन इससे ज्यादा कुछ नहीं. हालांकि साजिद ने मेरी फिल्म कॉकटेल के डायलॉग लिखे थे.

इम्तियाज कहते हैं कि मैंने जब इस फिल्म की कहानी पढ़ी थी, तो मुझे लगा कि अब भी कहानी में कुछ चीजें हैं, जो लोगों के सामने नहीं आयी है. लैला की ये बात मुझे आकर्षित कर गयी थी, कि लैला प्यार के कांसेप्ट में उस वक्त से पड़ चुकी थी जिस वक्त तो वह मजनू से भी नहीं मिली थी. मुझे ऐसा लगा कि ये बात फैसनेटिंग थी. फिर एक बात और मुझे खास लगी कि जब काफी संघर्ष के बाद लैला मजनू के पास आती है तो मजनू कहता है कि मुझे तुम्हारी अब जरूरत नहीं है. वह उसे स्वीकारता नहीं है. तो मुझे इन सवालों के जवाब चाहिए थे. और इसकी वजह से मैंने फिल्म बनाई . मुझे लगा कि मैं इस कहानी से लर्न करूंगा. फिल्म की कहानी की प्रासंगिकता के बारे में बात करते हुए वह कहते हैं कि मुझे ऐसा लगता है कि लव स्टोरी इटरनल होती है लेकिन वह तभी अमर होती है, जब अगर वह हर पीरियड में नयी और मॉर्डन लगे. कई कहानियां आज भी मॉर्डन है हर पीरियड के लिए. इम्तियाज का कहना है कि इस फिल्म में नये कलाकारों को लेने की सबसे बड़ी वजह यह थी कि हमें फ्रेश चेहरे ही चाहिए थे क्योंकि लैला मजनू कॉलेज जाते हैं. इसलिए हम स्टार्स नहीं चाहते थे. इसके अलावा कोई बैगेज न हो कलाकारों का.

इम्तियाज कहते हैं कि फिल्म का कांसेप्ट मेरा था. एकता कपूर के बारे में वो कहते हैं कि मैं काफी सालों से उन्हें जाता हूं. यह सच है कि हम दोनों एक तरह का काम करते नहीं आये हैं. तो लोगों को लगा था कि इस फिल्म पर साथ कैसे. वह कहते हैं कि हम लोग दोस्त हैं और हम दोनों साथ काम करना चाहते थे. मैंने जब उनसे कहा तो वह तुरंत तैयार हो गयी थीं. अपने आने वाले प्रोजेक्ट के बारे में बात करते हुए इम्तियाज ने बताया कि मैंने अपना प्रोडक्शन हाउस शुरू कर दिया है, इसलिए मैं कहानियों का बैंक कर रहा हूं. चूंकि तभी आप काम कर सकेंगे. इम्तियाज ने बताया है कि वह चार स्क्रिप्ट पर काम कर रहे हैं, जिनमें से दो फिल्मों की कहानी उन्होंने पूरी कर ली है.

इम्तियाज़ ने बताया कि इन कहानियों में एक्शन फिल्में भी होंगी, लेकिन उसमें हुमयन एंगल होगा ही. उन्होंने कहा कि अभी ये चारों कहानी जब मैं पूरी कर लूंगा तो इस साल के अंत तक तय करूंगा कि कौन सी बेस्ट है और फिर उसके साथ शुरुआत करूंगा अगले साल. इम्तियाज़ ने कहा कि इनमें से एक कहानी वह न्यू कमर के साथ बनायेंगे. बाकी की कहानी को लेकर वह फिलहाल तय नहीं किया है कि कास्टिंग कौन सी होगी. इम्तियाज अली ने यह भी बताया है कि वह वेब सीरिज करने जा रहे हैं. लेकिन मैं इसमें क्रियेटिव डायरेक्टर रहूंगा. इम्तियाज़ कहते हैं कि मैंने बांग्ला फिल्म प्रेजेंट किया था. मैं भी रिजनल फिल्म बनाना चाहूंगा.

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Posted By: Manoj Khadilkar