नई दिल्ली। महिलाएं घर में सजाकर रखने की वस्तु नहीं हैं। उन्हें कोई सामान न समझा जाए। मैने अपनी फिल्मों में उनकी मर्यादा के साथ कभी भी खिलवाड़ नहीं किया है। उन्हें पूरा तवज्जो दिया है। यह कहना फिल्म निर्माता महेश भंट्ट का है। महेश भंट्ट ने महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अपराध के लिए सेक्स संबंधित फिल्मों को जिम्मेदार ठहराने वालें लोगों की सोच पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि जो लोग यह कहते हैं कि महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार और घरेलू हिंसा के लिए सेक्स संबंधित फिल्में जिम्मेदार हैं वह बिल्कुल गलत हैं।

भट्ट ने उन लोगों को चुनौती दी है कि उनकी कोई ऐसी फिल्म बताएं जिसमें महिला को वस्तु के रुप में दिखाया गया हो। अपनी नई फिल्म मर्डर के बारे में बाते करने के दौरान भंट्ट ने कहा कि उनकी फिल्मों में महिलाओं के हर रुप को दिखाया गया है।

उन्होंने कहा कि यह तो लोगों की फिल्म देखने का अपना ही नजरिया होता है। लोग फिल्मों में महिलाओं के रुप को किस तरह से लेते हैं। फिल्म मर्डर में लोगों ने इमरान और मल्लिका के रिश्ते को ही देखा है लेकिन किसी ने उस महिला के दर्द को समझने की कोशिश की जो अपने घर में बिल्कुल अकेली है और अपने पति का थोड़ा सा वक्त चाहती है। इसमें गलत क्या है। वहीं,महेश भट्ट ने अर्थ, स्वंय और तमन्ना जैसी फिल्में भी बनाई है। जिसमें महिलाओं का एक अलग ही रुप देखने को मिला है।

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