मुंबई। निर्देशक राकेश ओम प्रकाश मेहरा की फिल्म मिर्ज़िया से एक्टिंग में कदम रख चुके हर्षवर्धन कपूर आगे चल कर एक्टर नहीं बने रहना चाहते। उन्हें तो डायरेक्शन पसंद हैं।

हाल ही में एक बातचीत के दौरान हर्षवर्धन ने साफ़ कहा कि वो फिल्मकार अनुराग कश्यप को आज की पीढ़ी का क्रांतिकारी फिल्मकार मानते हैं। इसके पीछे एक वजह है हर्ष , अनुराग कश्यप की फिल्म 'बॉम्बे वेलवेट' के दौरान असिस्टेंट रह चुके हैं। हर्षवर्धन की माने तो आगे चलकर वो भी फ़िल्म निर्देशक ही बनेंगे क्योंकि फिल्मो में काम करने का यही उनका अंतिम लक्ष्य है। अनुराग कश्यप के काम से हर्षवर्धन इतने प्रभावित हो गए हैं कि उन्होंने अपना अंतिम पेशा भी एक डायरेक्टर का तय कर लिया है।

मदारी के बाद फिर एक 'खेल' में उलझेंगे इरफ़ान

वैसे मिर्ज़िया की रिलीज से पहले ही अपनी तीसरी फिल्म भी साइन कर चुके हर्ष को अपनी राह चुनने का हक़ है और देखना है पिता अनिल कपूर और बहन सोनम क्या उनके इस कैमरे के पीछे जाने की तमन्ना ने उनका साथ देते हैं या नहीं।

Posted By: Manoj