नई दिल्ली, जेएनएन। ए आर रहमान के संगीत में एक किस्म का जादू है। यह सुनने वालों की रूह तक उतर जाती है। ए.आर. रहमान का जन्म 6 जनवरी 1967 में हुआ था। वह तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में पैदा हुए थे। वह आज अपना जन्मदिन मना रहे है। इस जन्मदिन के मौके पर हम आपको उनके बारे में रोचक फैक्ट्स बता रहे हैं। आइए जानते हैं...

दो ऑस्कर अवॉर्ड्स 

अब तक भारत में पांच लोगों को सिनेमा का प्रतिष्ठित अवॉर्ड ऑस्कर मिल चुका है। इसमें से ए आर रहमान ऐसे हैं, जिन्हें दो अवॉर्ड्स मिले हैं। हालांकि, ये दोनों अवॉर्ड्स भी उन्हें एक ही फ़िल्म के लिए मिले हैं। ! 'स्लमडॉग मिलियनेयर' के लिए ए.आर. रहमान को साल 2008 में ऑस्कर मिला था। उन्हें 'जय हो' के लिए दो ऑस्कर, सर्वश्रेष्ठ संगीत और सर्वश्रेष्ठ गीत (संयुक्त रूप से) मिल था। 

लता मंगेशकर के लिए बदला नियम

ए आर रहमान के साथ ख़ास बात है कि वह रात को ही रिकॉर्डिंग करते हैं। हालांकि, यह नियम उन्हें बदलना पड़ा। उन्होंने लता मंगेशकर के लिए अपना नियम बदला और सुबह में रिकॉर्डिंग की। लता मंगशेकर का मानना है कि सुबह उनकी आवाज में ताजगी होती है इसलिए रहमान उनके साथ सुबह रिकॉर्डिंग करते हैं।

मणिरत्नम ने दिया पहला ब्रेक

रहमान को संगीत अपने पिता से विरासत में मिला है। उनके पिता आर.के.शेखर मलयाली फ़िल्मों से जुड़े थे। इसके अलावा रहमान ने मास्टर धनराज से म्यूज़िक का ककहारा सीखा। 9 साल के उम्र में पिता ने साथ छोड़ दिया। इसके बाद रहमान के परिवार की आर्थिक हालात काफी खराब हो गए। पैसों की खातिर परिवार वालों को वाद्ययंत्र तक बेचने पड़े थे। काफी संघर्ष के बाद मणिरत्न ने फ़िल्म 'रोजा' में ब्रेक दिया। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 

बदला नाम और धर्म

ए आर रहमान के पिता हिंदू थे। बाद में रहमान ने सूफी को अपना लिया। इसके पीछे वजह कि वह पीर कादरी साहेब के संपर्क में आए। इसका उनपर काफी प्रभाव पड़ा। इसक अवाला उन्होंने अपना नाम भी बदला। पहले उनका नाम दिलीप कुमार था। ए आर रहमान के मुताबिक, उन्होंने ज्योतिषी की सलाह पर अपना नाम बदला था। 

Posted By: Rajat Singh

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