नई दिल्ली, जेएनएनl इंडियन एयर फोर्स में गुंजन सक्सेना के साथ सेवा करने वाली एक सेवानिवृत्त IAF पायलट ने जान्हवी कपूर को हालिया बायोपिक के लिए लताड़ा है और कहा कि यह गुंजन की उपलब्धियों और महिला अधिकारियों के वायु सेना के बर्ताव दोनों को गलत तरीके से दर्शाती है। गुंजन सक्सेना के साथ भारतीय वायु सेना में सेवा करने वाले सेवानिवृत्त विंग कमांडर नमृता चंडी ने हाल ही में गुंजन सक्सेना की बायोपिक पर अपनी बात रखी हैl उन्होंने एक पत्र लिखा हैl

इसके माध्यम से फिल्म में भारतीय वायुसेना के चित्रण की आलोचना की है। वायु सेना में महिलाओं के चित्रण को लेकर फिल्म की जमकर आलोचना हो रही हैं। अपने प्रकाशित पत्र में नमृता चंडी ने लिखा, 'मैंने खुद एक हेलिकॉप्टर पायलट के रूप में काम किया है और मैंने कभी भी इस तरह के दुर्व्यवहार का सामना नहीं किया है जैसा कि फिल्म में चित्रित किया गया है। वास्तव में वर्दी में पुरुष सच्चे सज्जन और पेशेवर होते हैं।'

 

 

 

 

 

 

 

 

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उन्होंने यह भी लिखा कि उन्होंने गुंजन के साथ मिलकर प्रशिक्षण लिया है और 'एक दूसरे को सबसे खराब परिस्थितियों में देखा है।'  उन्होंने करण जोहर की धर्मा प्रोडक्शंस और इसके लेखकों को ऐसी फिल्म बनाने के लिए दोषी ठहराया, जिन्होंने बहुत खराब रोशनी में 'नीली वर्दी' को दिखाया है। वह इस बात से सहमत थी कि शुरू में, 'कोई कमरा या महिला शौचालय नहीं होने की शुरुआती परेशानियां थींl पर किसी भी समय पर उन्होंने असहज महसूस नहीं किया था। वास्तव में इस अवसर पर उनके कुछ 'अधिकारी भाई’ कपड़े बदलने के दौरान बाहर रहकर पहरा देते थे।' नमृता ने फिल्म निर्माताओं पर 'झूठ बोलने' का आरोप लगाया।

 

 

 

 

 

 

 

 

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I blame myself for not being in touch with you for the past year..... I have felt at times like you may have needed people to share your life with...but somehow I never followed up on that feeling...will never make that mistake again...we live in very energetic and noisy but still very isolated times ...some of us succumb to these silences and go within...we need to not just make relationships but also constantly nurture them....Sushants unfortunate demise has been a huge wake up call to me ...to my level of compassion and to my ability to foster and protect my equations.....I hope this resonates with all of you as well....will miss your infectious smile and your bear hug ....💔💔💔

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उन्होंने लिखा, 'श्रीविद्या राजन पहली महिला पायलट थीं जिन्होंने कारगिल से उड़ान भरी थी - गुंजन से नहीं। हालांकि मुझे पूरा विश्वास है कि श्रीविद्या को इस क्रेडिट के बारे में कोई शिकायत नहीं है। नम्रता ने अपनी खुद की साख का हवाला देते हुए लिखा, 'मैं खुद पहली महिला अधिकारी हूं, जिसने 1996 में पाकिस्तान के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर उड़ान भरी थी। मुझे पर उन अधिकारियों का विश्वास था, जो क्रू रूम में मेरे साथ बैठा था। मैं लेह में तैनात होने वाली पहली महिला पायलट थी और सियाचिन ग्लेशियर में चीता हेलीकॉप्टर उड़ाती थी ...'

जीतेगा भारत हारेगा कोरोन

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