नई दिल्ली, जेएनएन। निर्देशक विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म शिकारा जल्द ही सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। कश्मीरी पंडितों पर बनी यह फिल्म विधु विनोद चोपड़ा के काफी करीब भी है, क्योंकि वो खुद उस परिवार से आते हैं, जो कभी वापस कश्मीर में जाकर नहीं बस सके। इसी बीच, दिल्ली में हुई फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान विधु विनोद चोपड़ा इमोशनल नजर आए और इस दौरान कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार के बारे में बात की।

दरअसल, दिल्ली में फिल्म की एक स्पेशल स्क्रीनिंग करवाई गई थी, जिसमें जागती कैंप के लोग और कश्मीरी पंडित कम्युनिटी के कुछ खास लोग भी मौजूद थे। इस दौरान विधु विनोद चोपड़ा ने फिल्म को लेकर बात की और इस फिल्म को अपनी मां को समर्पित किया। बता दें कि फिल्म कश्मीरी पंडितो के उस दर्द को दिखाती है, जब कश्मीर से करीब 4 लाख पंडितों को बाहर कर दिया गया था।

निर्देशन ने अपनी मां शांति देवी को याद करते हुए बताया कि उनकी मां कभी भी वापस कश्मीर में अपने घर नहीं जा पाई। दरअसल, उनकी मां अपने बेटे की फिल्म 'परिंदा' की स्क्रीनिंग के लिए मुंबई आई थीं और उसके बाद वो कभी कश्मीर नहीं जा सकी। साथ ही निर्देशन ने जागती कैंप के लोगों का शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने उनका साथ दिया है।

आपको बता दें कि निर्देशक को फिल्म 'शिकारा' को बनाने में करीब 11 साल लगे हैं। विधु विनोद चोपड़ा ने कहा, 'मुझे फिल्म बनाने में 11 साल लगे। मैं 3 मुन्ना भाई फिल्म बना सकता था और दो 3 इडियट्स बना सकता था। लोग पूछते हैं- ये फिल्म क्यों? और मेरा जवाब होता है कि यह सिर्फ एक फिल्म नहीं। मैंने ये फिल्म मेरी मां के लिए बनाई है, जो जिंदा रहने तक कश्मीर में वापस अपने घर नहीं जा सकी।'

Posted By: Mohit Pareek

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