नई दिल्ली, जेएनएन। कोरोना वायरस का प्रभाव पूरे देश पर पड़ा है। कोविड-19 से बचाव के लिए करीब  2 महीने से देश में लॉकडाउन है। वहीं, इस लॉकडाउन के चलते सब कुछ बंद है। बंदी का नुकसान लोगों की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ा है। फ़िल्म और मनोरंजन इंडस्ट्री भी इससे अछूती नहीं रही है। शोज़ और फ़िल्मों की शूटिंग बंद है। मेकर्स को इसके चलते काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। अब ऐसा लग रहा है कि वापस से सब कुछ पटरी पर आने वाला है। इसके लिए महाराष्ट्र सरकार एसोसिएशन से बात कर रही है। 

दरअसल, इस बातचीत के बाद सरकार एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को वापस से शुरू करने के संकेत दिए हैं। साथ ही साथ उन्होंने कुछ रियातों की बात भी की है। उद्धव ठाकरे की इंडस्ट्री के लोगों से बातचीत के बाद कुछ अहम जानकारियां सामने आई हैं। मुख्यमंत्री कार्यलय द्वारा इसको लेकर कई ट्वीट किए गए। पहले ट्वीट में लिखा गया है-'राज्य सरकार इस संकट में टेक्नीशियन,आर्टिस्ट, कर्मचारी और तमाशा कलाकारों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन लोगों ने फ़िल्म सिटी में सेट लगाए हैं, उनके लिए किराये में रियायत पर विचार किया जाएगा।'

उद्वव ठाकरे ने प्लान बनाने को भी कहा है। ट्वीट में लिखा गया है- 'उन्होंने कहा कि राज्य शूटिंग और पोस्ट-प्रोडक्शन गतिविधियों को वापस से शुरू करने के लिए उनके द्वारा लाए गए किसी भी प्लान पर विचार करेगा। हालांकि, इसमें सोशल डिस्टेंसिंग के निमयों और अन्य सावधानियों की भी शामिल किया जाए।'

फेडरेशन ने मांगी थी इज़ाजत

फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिनेमा एमप्लॉइज ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर मुंबई फिल्म इंडस्ट्री का काम शुरु करने की अनुमति मांगी थी। मंगलवार को भेजे गए इस पत्र में सीएम से पोस्ट प्रोडक्शन काम शुरू करने की इजाजत देने के लिए अपील किया गया था। ऐसे में लॉकडाउन के बाद निर्माता अपने प्रोजक्ट्स को रिलीज़ करने के लिए तैयार रहेंगे। अब दर्शकों को अगले कदम का इंतज़ार होगा। 

Posted By: Rajat Singh

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस