नई दिल्ली। देश के मशहूर फिल्म आर्काइविस्ट और नेशनल फिल्म आर्काइव ऑफ इंडिया (एनएफएआई) के फाउंडर व पूर्व डायरेक्टर पी के नायर का निधन हो गया। उन्होंने शुक्रवार सुबह पुणे में आखिरी सांसें ली। आपको बता दें कि 82 वर्षीय नायर काफी बीमार थे। जानेमाने फिल्मकार एवं फिल्म आर्काइविस्ट शिवेंद्र सिंह डुंगरपुर ने नायर के निधन की जानकारी दी। नायर के जीवन और काम को डाॅक्युमेंट्री फिल्म ‘सेल्यूलाइड मैन’ में प्रदर्शित किया गया है। इस फिल्म का निर्माण शिवेन्द्र ने किया है।

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शिवेंद्र के मुताबिक, पिछले 10 दिनों से उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई थी। सुबह करीब 11 बजे एक स्थानीय अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से नायर का निधन हो गया। शिवेंद्र ने यह भी बताया कि शनिवार को नायर का शव एनएफआई में सुबह करीब आठ बजे रखा जाएगा और इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जाएगा। गौरतलब है कि शिवेंद्र फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन के फाउंडर डायरेक्टर भी हैं।

परमेश कृष्णन नायर का जीवन एनएफएआई में फिल्मों के संरक्षण और संग्रहण के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कई ऐतिहासिक भारतीय फिल्मों के संग्रह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने दादासाहेब फाल्के की ‘राजा हरिश्चन्द्र’ और ‘कालिया मर्दन’, बाॅम्बे टाॅकीज की 'जीवन नैया', 'बंधन', 'कंगन', 'अछूत कन्या', 'किस्मत' और एस एस वासन की 'चन्द्रलेखा' व उदय शंकर की 'कल्पना' जैसी फिल्मों का संरक्षण एवं संग्रहण किया।

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नायर 1961 में शोध सहायक के रूप में भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान में नियुक्त हुए थे। उन्होंने यहां 1991 तक काम किया। एनएफएआई के निदेशक पद से सेवानिवृत्ति तक उन्होंने 12,000 फिल्मों का संग्रहण किया, जिसमें से 8,000 फिल्में भारतीय एवं बाकी विदेशी हैं। एफटीआईआई के निदेशक प्रशांत पथराबे ने कहा, ‘नायर साहब, के निधन से भारतीय फिल्म उद्योग एवं फिल्म अभिलेखागार आंदोलन की अपूरणीय क्षति हुई है।’ पथराबे ने कहा, ‘वह फिल्मों के संग्रह-संरक्षण के दीवाने थे। एनएफएआई के राष्ट्रीय फिल्म विरासत मिशन में हर संभव तरीके से फिल्म-संरक्षण का क्रियान्वयन ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।’

Posted By: Pratibha Kumari