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कभी 150 रुपये में झूठे बर्तन धोता था Dhamaal 4 का ये हीरो, आज है 5 करोड़ के घर का मालिक

Published: Tue, 14 Jul 2026 06:45 PM (IST)

हिट फिल्में देने के बावजूद एक दौर ऐसा आया कि 'धमाल 4' ( Dhamaal 4) फेम स्टार को झूठे बर्तन ...और पढ़ें

कभी बर्तन धोने का काम करता था अभिनेता

कभी बर्तन धोने का काम करता था अभिनेता

HighLights

  1. कभी बर्तन धोने का काम करता था अभिनेता

  2. धमाल 4 की स्टारकास्ट में शामिल है ये एक्टर

  3. अब बना 5 करोड़ के घर का मालिक

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। कहते हैं बॉलीवुड इंडस्ट्री में किस्मत आजमाना एक जुए की तरह है। कई सालों तक मेहनत करने के बाद कोई सुपरस्टार बन जाता है तो कोई साइड हीरो बनकर रह जाता है। वहीं कुछ एक्टर्स ऐसे होते हैं जो सुपरस्टार के ओहदे से हटकर दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बनाते हैं।

दूसरी तरफ जो एक्टर इंडस्ट्री से बाहर का होता है उसे डबल मेहनत करनी होती है। अब तक हमने एक्टर्स के स्ट्रगल की कई कहानियां सुनी हैं जिन्होंने बॉलीवुड में सफलता पाने से पहले कई छोटे-मोटे काम किए। फिर चाहे वह कंडक्टर की जॉब हो या होटल में वेटर की।

कभी 150 रुपये में धोए बर्तन

आज हम जिस एक्टर की बात कर रहे हैं उनके स्ट्रगल की कहानी थोड़ी अलग है, क्योंकि वे उन्होंने फिल्मों में आने के बाद और उनकी फिल्में सफल होने के बाद स्ट्रगल का दौर देखा। वे सिर्फ 150 रुपये कमाने के लिए दूसरों के झूठे बर्तन धोते थे। लेकिन आज इस एक्टर की फैंस के दिलों में एक खास जगह है और किसी जमाने में 150 रुपये के लिए बर्तन धोने वाला ये एक्टर आज 5 करोड़ के घर का मालिक है।

sanjay mishra (1)

इन फिल्मों में छोड़ी एक्टिंग की छाप

हाल ही में इन्हें 'धमाल 4' (Dhamaal 4) में देखा गया, इसके पहले उन्होंने वेलकम, न्यूटन, गोलमाल, भूल भुलैया, सन ऑफ सरदार, जैसी कॉमेडी फिल्मों में अपनी कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों का दिल जीता। लेकिन ऐसा नहीं है कि उनकी कला सिर्फ कॉमेडी जॉनर तक ही सिमटी हुई है। उन्होंने वध और इसके सीक्वल में अपनी गंभीर एक्टिंग की भी एक अलग छाप छोड़ी है।

दर्शकों के दिलों में बनाई एक खास जगह

हम बात कर रहे हैं कॉमेडी फिल्मों में जान डालने वाले और हर किरदार के साथ न्याय करने वाले एक्टर संजय मिश्रा (Sanjay Mishra) की। दरअसल संजय मिश्रा के पिता का गंभीर बीमारी के चलते निधन हो गया था और इस वजह वे फिल्में छोड़कर ऋषिकेश चले गए थे। जहां गुजारा करने के लिए वे एक ढाबे पर आमलेट बनाते और 150 दिन के हिसाब से बर्तन धोने का काम करते थे।

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रोहित शेट्टी ने दिया फिल्मों में चांस

ये काम उन्होंने हिट फिल्म गोलमाल (Golmaal) के बाद किया जब लोग उन्हें पहचानने लगे थे। इसके बाद रोहित शेट्टी ने उन्हें ऑल द बेस्ट में काम करने का चांस दिया। उन्होंने एक्टर को फोन किया और उन्हें वापस फिल्म इंडस्ट्री में बुला लिया।

sanjay mishra (4)

संजय मिश्रा ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) से एक्टिंग की शिक्षा ली और 1995 की फिल्म 'ओ डार्लिंग! ये है इंडिया!' से एक्टिंग की शुरुआत की। उन्होंने 'आंखों देखी' (2015) और 'वध' (2022) फ़िल्मों में अपनी बेहतरीन अदाकारी के लिए दो बार 'फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवॉर्ड फॉर बेस्ट एक्टर' जीता है, साथ ही कई अन्य पुरस्कार और नॉमिनेशन भी हासिल किए हैं।