नई दिल्ली, जेएनएन। #DobaraPoocho: सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद से सोशल मीडिया से लेकर इंडस्ट्री तक कई बातों की चर्चा हो रही है। लोग नेपोटिज़्म के साथ-साथ मेंटल हेल्थ और डिप्रेशन की बात कर रहे हैं। इस बीच एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण भी डिप्रेशन के मुद्दे पर सक्रिय हो गई हैं। कभी डिप्रेशन से लड़ने वाली दीपिका ने #DobaraPooch नाम से एक कैंपेन लॉन्च किया है।

दीपिका इस कैंपेन के जरिए बता रही हैं किअपने करीबी या प्यार करने वालो, जो डिप्रेशन में है, उन्हे समझना कितना जरूरी है। दीपिका ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में कुछ छोटी-छोटी कहानियां दिखाई गई हैं। अलग-अलग लोग, अलग-अलग रिश्ते और डिप्रेशन। अंत में नरेशन है- डिप्रेशन..दबे पांव आकर बैठ जाता है हमारे अंदर। चुपचाप अंधेरे किसी कोने में। चलो इसको जाने-पहचाने। हल्की से कोई नज़र छुपाए, तो देखें दोबारा। थोड़ा-सा कोई डगमगाए, तो थामें दोबारा। ज़रा-सा कुछ सही ना लगे, तो पूछें दोबारा।

इससे पहले दीपिका पादुकोण ने एक और वीडियो भी शेयर किया। इस वीडियो  में दीपिका ने आत्महत्या को लेकर आनी वाले विचारों पर बात की। उन्होंने इस वीडिया के कैप्शन में लिखा, 'मैंने पांच साल पहले इस यात्रा की शुरुआत की थी। लेकिन हाल ही में हुई दुःखद घटना ने इस बात का अहसास दिलाया कि हमें मानसिक स्वास्थ्य को और भी प्राथमिकता देने की जरूरत है। हमें इस पर अपना ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है।'

आपको बता दें कि दीपिका पादुकोण खुद भी डिप्रेशन के बुरे दौर से गुजर चुकी हैं। इसके बाद उन्होंने इससे लड़ने का फैसला किया। ना सिर्फ खुद को संभाला बल्कि डिप्रेशन से लड़ने के लिए साल 2015 में एक फाउंडेशन भी बनाया। उन्होंने इस क्षेत्र में काफी काम किया। डिप्रेशन और मेंटल हेल्थ को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने दीपिका पादुकोण को किस्टर अवॉर्ड से नवाजा। 

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