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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Chhello Show Twitter Review: ऑस्कर एंट्री छेलो शो ने जीता दिल, राहुल कोली की परफॉर्मेंस देख भावुक हुए दर्शक

By Vaishali ChandraEdited By:
Published: Fri, 14 Oct 2022 03:47 PM (IST)

Chhello Show Twitter Review भारत की तरफ से ऑस्कर 2023 के लिए आधिकारिक एंट्री फिल्म छेलो शो लंबे वक्त के ...और पढ़ें

Pan Nalin film Chhello Show Twitter Review, Instagram
Pan Nalin film Chhello Show Twitter Review, Instagram

नई दिल्ली, जेएनएन। Chhello Show Twitter Review: कई महीनों से चर्चा का विषय बनी फिल्म छेलो शो आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज कर दी गई है। भारत की तरफ से ऑस्कर 2023 में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की वजह से फिल्म ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। फिल्म को लेकर कुछ कॉन्ट्रोवर्सी भी देखने को मिली थी। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने छेलो शो को इटालियन फिल्म सिनेमा पैराडाइसो की कॉपी बताया और ऑस्कर में जाने पर सवाल खड़े किए। विवाद को बढ़ता देख फिल्म के डायरेक्टर पान नलिन सामने आए और निवेदन किया कि छेलो शो पर सवाल खड़े करने से पहले इसे एक बार देख लें।

अब शुक्रवार को छेलो शो रिलीज कर दी गई है और इसके साथ ही फिल्म को लेकर दर्शकों के रिव्यू भी आने लगे हैं। ज्यादातर दर्शक फिल्म से इंप्रेस नजर आए। आइए आपको बताते हैं आखिर ऑस्कर में जाने वाली भारतीय फिल्म छेलो शो है कैसी...

फिल्म पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए एक यूजर ने लिखा, "छेलो शो दर्शकों के लिए बनाया गया एक शानदार सिनेमाई अनुभव है। फिल्म उन मुठभेड़ों और रोमांच के इर्द-गिर्द घूमती है जो बच्चे की कल्पना को आकार देती है। पान नलिन ने एक मास्टरपीस बनाया है।"

एक अन्य यूजर ने कहा, "फिल्म को देखें, तारीफ करें, सुझाव दें। छेलो शो (लास्ट फिल्म शो) सिनेमा के जादू के बारे में बात करती है। यह गुजराती फिल्म ट्रूली इंटरनेशनल है, सेल्युलाइड सिनेमा, मूवी मेकिंग और थिएटर एक्सपीरियंस का एक स्त्रोत है। इस ऑटोबायोग्राफी को बनाने के लिए पान नलिन को सलाम।"

छेलो शो को शानदार बताते हुए एक यूजर ने फिल्म को विजुअली रिच और भारतीय सिनेमा को दिल को छू लेने वाला लव लेटर कहा।

फिल्म से नाखुश एक यूजर ने कहा, "फिल्म छेलो शो एक भारतीय फिल्म नहीं है। यह फिल्म सिनेमा पैराडाइसो की कॉपी है। निर्देशक दावा कर रहे हैं कि यह एक गुजराती फिल्म है, लेकिन यह गुजराती भाषा में नहीं बनी है और भारत में रिलीज भी नहीं हुई! फिर किस आधार पर यह फिल्म ऑस्कर नॉमिनेशन के योग्य है?"