मुंबई। अपनी मखमली आवाज़ से दुनिया भर के संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज़ करने वाले ग़ज़ल गायक पंकज उधास का आज जन्मदिन है। 17 मई 1951 को जन्में पंकज उधास को तलत अजीज़ और जगजीत सिंह जैसे दिग्गज ग़ज़ल गायकों के साथ ग़ज़ल को लोकप्रिय करने के लिए जाना जाता है। उधास को फ़िल्म 'नाम' (1986) के 'गीत चिठ्ठी आई..' गाने से अपार लोकप्रियता मिली। उसके बाद से उन्होंने कई फ़िल्मों के लिए अपनी रूहानी आवाज दी है। इसके अलावा उन्होंने कई एल्बम भी रिकॉर्ड किये हैं। पद्मश्री पंकज उधास ने भारतीय संगीत को एक नयी उंचाई दी है। उनके जन्मदिन पर आइये जानते हैं उनके गाये ऐसे 5 गीत जिसे सुनकर खो जायेंगे आप!

'चांदी जैसा रंग है तेरा'

"चांदी जैसा रंग है तेरा, सोने जैसे बाल, एक तू ही धनवान है गोरी, बाकी सब कंगाल..." यह पंकज उधास का गाया एक बहुचर्चित लव सांग (ग़ज़ल) है। आज की जेनेरेशन भी इस गीत को बड़े ही चाव से सुनते हैं। खास कर तब जब आप प्यार में होते हैं!

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'निकलो न तुम बेनक़ाब'

निकलो न तुम बेनक़ाब, ज़माना खराब है। यह गीत भी एक दौर में सबके जुबां पर चढ़ गया था। 

'घुंघरू टूट गए'

''घुंघरू टूट गए'' भी उधास के पॉपुलर गीतों में से हैं। लोकगायिका मालिनी अवस्थी ने एक कार्यक्रम में कहा था कि यही वो गीत है जिसे सुनकर मैं गाने लगी और आज इस मुकाम पे हूं। पंकज उधास ने न सिर्फ फैंस में बल्कि कलाकारों में भी रोशनी भरने का काम किया है। 

आप जिनके करीब होते हैं

आप जिनके करीब होते हैं, वो बड़े खुशनसीब होते हैं! यह गीत सुनकर भी आपको अपने महबूब की याद ज़रूर आ जायेगी। 

ऐ ग़मे ज़िंदगी कुछ तो दे मशवरा

"ऐ ग़मे ज़िंदगी कुछ तो दे मशवरा, एक तरफ उसका घर, एक तरफ मैकदा" यह गीत भी आशिकों के उलझन को बखूबी बयान करने का दम-खम रखती है। कभी-कभी प्रेम आपको एक ऐसी दो राहे पर लाकर खड़ा कर देता है, जहां आप पंकज उधास के ये गीत गुनगुना उठते हैं!

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Posted By: Hirendra J