ट्रेजेडी क्वीन मीना कुमारी का जीवन भी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं था। साधारण परिवार की इस लड़की ने पहले आसमान की बुलंदियों को छुआ। प्यार में धोखा मिला तो शराब के प्याले छलकाने लगीं और यही शराब जवानी में ही उनकी मौत की वजह भी बन गई।

तस्वीरें मे देखें: मीना कुमारी की अदाएं

बचपन से देखा मुसीबतों का दौर

1 अगस्त, 1932 को मुंबई में जन्मी मीना कुमारी का नाम असल में माहजबीं बानो था। ट्रेजेडी क्वीन भले ही उनका नाम बाद में पड़ा, लेकिन जन्म लेते ही उनके साथ ट्रेजेडी शुरू हो गई थी। जब जन्म हुआ था तो उनके माता-पिता इतनी तंगी से गुजर रहे थे किउनकी मां की डिलीवरी कराने वाले डॉक्टर की फीस तक नहीं दे पाए। इसी वजह से उन्होंने मीना को एक मुस्लिम अनाथालय में छोड़ दिया और कुछ घंटे बाद वहां से लेकर घर गए। एक्टिंग उनके खून में ही थी क्योंकि माता-पिता दोनों रंगमंच से जुड़े थे। 7 साल से मीना कुमारी ने एक्टिंग करनी शुरू कर दी थी और एक्टिंग का यह सिलसिला आखिरी सांस तक चलता रहा।

एक के बाद एक हिट

फिल्म बैजू बावरा उनके जीवन की पहली बड़ी हिट फिल्म मानी जाती है और इसके बाद तो उन्होंने एक से एक हिट फिल्में दी। चार बार उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। 1963 में फिल्मफेयर अवा‌र्ड्स में 'बेस्ट एक्ट्रेस इन लीडिंग रोल' कैटेगिरी के लिए नॉमिनेट होने वाली अकेली हीरोइन थीं। उन्हें तीन अलग-अलग फिल्मों के लिए नॉमिनेट किया गया था। फिल्मफेयर अवा‌र्ड्स में यह उपलब्धि आज तक कोई हीरोइन हासिल नहीं कर पाई है। वैसे कम लोग जानते हैं कि कॉमेडी किंग कहे जाने वाले महमूद मीना कुमारी के जीजा थे। वह मीना को टेनिस खेलना सिखाते थे बाद में उन्होंने मीना की बड़ी बहन मधु से शादी की थी। हालांकि आगे चलकर उनका तलाक हो गया।

प्यार में मिला धोखा

मीना का भी अपनी बहन की तरह तलाक हुआ था। मीना को करियर की शुरुआत में फिल्म निर्देशक तथा लेखक कमाल अमरोही से मीना कुमारी को एक फिल्म के सेट पर इश्क हो गया। कमाल मीना से उम्र में 15 साल बड़े और पहले से शादीशुदा थे। दोनों के बीच में सब कुछ ठीक चल रहा था कि चानक दोनों के अलगाव की खबर आ गई। दोनों की शादी टूटने के पीछे की वजह धर्मेद्र को बताया जाता है। धर्मेद्र और मीना एक साथ काम करते-करते करीब आ गए थे। लेकिन कमाल से मीना के तलाक के बाद धर्मेद्र भी उनसे दूर हो गए। इन झटकों से मीना इतनी टूट गई थीं कि उन्होंने शराब पीना शुरू कर दिया।

शायरी भी करती थीं मीना

मीना कुमारी कविताएं और शेर भी लिखती थीं। जब उनका तलाक हुआ तो उन्होंने कमाल अमरोही के लिए एक शेर लिखा था-

'तलाक तो दे रहे हो नजर-ए-कहर के साथ, मेरी जवानी भी लौटा दो मेहर के साथ।'

मुफलिसी में बीता अंतिम वक्त

आसमान की बुलंदियों को छूने वाली इस अदाकारा ने भी नहीं सोचा होगा किअपने दिनों में वे एक-एक पैसे के लिए तरस जाएंगी। मुंबई के जिस नर्सिग होम में उन्होंने दम तोड़ा, उसके बिल चुकाने के लिए भी पैसे नहीं थे। यह बिल एक डॉक्टर ने चुकाया था, जो मीना का बहुत बड़ा फैन था।

सिर्फ 39 साल में लिवर सिरोसिस के चलते दुनिया को अलविदा करने वाली मीना कुमारी जाते-जाते भी 'पाकीजा' जैसी बेहतरीन फिल्म के रूप में अपने चाहने वालों को ऐसा तोहफा दे गई, जिसके लिए लोग उन्हें आज भी याद करते हैं।

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