मुंबई। फिल्म अभिनेता अनुपम खेर ने नसीरुद्दीन शाह के हाल ही में भीड़ हिंसा को लेकर दिए गए बयान के बाद देश भर में मचे हंगामे को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि भारत में सेना पर पत्थरबाजी करने , भारत के एयर चीफ को भला बुरा कहने और सेना को भी नीचा दिखाने की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है। इससे ज्यादा एक देश में और क्या हो सकती है अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता।

वाराणसी गए अनुपम खेर ने यह भी कहा है कि नसीर वह बात ने वह बात कही है जो वह महसूस कर रहे होंगे लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह सच है। गौरतलब है कि नसरुद्दीन शाह ने एक इंटरव्यू में यह कहा कि कई जगहों पर एक गाय की मौत को एक पुलिस अधिकारी की हत्या से ज्यादा तवज्जो दी गई है l मैं डरा नहीं हैं बल्कि गुस्से में हूं l मैं अपने बच्चों के लिए चिंतित हूं क्योंकि कल को अगर भीड़ उन्हें घेरकर पूछती है, ‘तुम हिंदू हो या मुसलमान?' तो उनके पास इसका कोई जवाब नहीं होगा l मैं मानता हूं कि सही सोचने वाले हर व्यक्ति को गुस्सा होना चाहिए न कि डरना चाहिए l शाह ने कहा कि उन्होंने तय किया था कि वे अपने बच्चों इमाद और विवान को धार्मिक शिक्षा नहीं देंगे क्योंकि उनका मानना है कि 'खराब या अच्छा होने का किसी धर्म से कोई लेना-देना नहीं है l

इस बीच नसीरुद्दीन शाह ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को करारा जवाब दिया है। शाह ने इमरान को नसीहत दी है कि वे अपने घर का ख्याल रखें। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि इमरान खान को उन मुद्दों पर टिप्पणी करने की (जिनका उनसे लेना-देना नहीं है) बजाय अपने देश के बारे में सोचना चाहिए। हमारे देश में 70 साल से लोकतंत्र बना हुआ है और हम जानते हैं कि हमें अपनी देखभाल कैसे करनी है।'

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Posted By: Manoj Khadilkar

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