अनुप्रिया वर्मा, मुंबई। अनु कपूर कहते हैं कि मेरी जिंदगी में अटल बिहारी वाजपेयी की भूमिका अहम रही है।उनसे मेरा नाता दिल का भी था और दिमाग का भी। यह मेरा पर्सनल लॉस है। अनु जागरण डॉट कॉम से बात करते हुए कहते हैं कि मैंने ये बात कई बार प्रेस में दी है कि मैं करोड़ों कमा लेता, लेकिन ओशो और अटल बिहारी वाजपेयी का मुझ पर सबसे ज्यादा गहरा प्रभाव रहा है।

अब आप सोच रहे होंगे कि मैं ऐसा क्यों बोल रहा हूं। वर्ष 1993 के बात है। मैं दिल्ली में था। तो मैं उनसे मिलने पहुंचा, तो उन्होंने कहा कि अभी मैं तुम्हारी ही फिल्म देख रहा था गर्दिश। उन्होंने कहा कि कितना हंसाया है इसने। तभी उन्होंने ये भी बताया कि मैं हर हफ्ते शुक्रवार को फिल्म देखता हूं। काफी तुमने अच्छा काम किया है।तुम एक अच्छे कलाकार हो। ठुमके लगाते हो, लोगों का मनोरंजन करते हो, डांस भी कर लेते हो। सब कुछ कर लेते हो। कमाल का मंच है तुम्हारा। तुम अच्छा संचालन भी करते हो। लेकिन अनु तुम्हें जो मंच मिला है, उसका अच्छे से सदुपयोग करना। तुम जैसे लोग ही देश को आगे लेकर जाओगे। उन्होंने कहा नाचना-गाना बंद नहीं करना। लेकिन अपने प्रोग्राम में मनोरंजन करते हुए देश की सेवा करना। वही हमारा कर्तव्य है। तब से अनु कहते हैं कि मेरी जिंदगी में उनका ऐसा गहरा प्रभाव हुआ कि मैं कुछ भी बात करूंगा तो उन बातों में सोशल बातें, देश की बातें, ड्यूटी की बातें आती ही हैं। उनकी बातों को कुछ इस कदर प्रभाव रहा है मुझ पर।

अनु कपूर कहते हैं कि राजनीति में अगर किसी नेता को बहुत अधिक सम्मान लोगों से मिला है तो वह अटल जी को मिला है। अनु बताते हैं कि अटल ने इंदिरा गांधी जो कि उनके विपक्ष में थी, उन्होंने इंदिरा को कहा कि वह दुर्गा का अवतार हैं। अनु कहते हैं कि अमूमन आप जिस कुर्सी पर बैठे होते हैं, उसकी इज्जत होती है। अटल जी के साथ कभी-कभी भारतवर्ष में ऐसे लोग भी आते हैं, जब कुर्सी का मान बढ़ जाता है। अटल उनमें से एक थे। अनु कहते हैं कि वह देशभक्ति दिखाने के लिए नहीं करते थे। उनके खून में देशभक्ति थी। 

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Posted By: Rahul soni