'मैं गाऊंगा ही नहीं...' 48 साल पहले अमिताभ बच्चन के पॉपुलर गाने को किशोर दा ने किया था मना, 'चकाचक' शब्द पर थी आपत्ति
किशोर कुमार ने अमिताभ बच्चन की फिल्म 'डॉन' के गाने एक गाने की रिकॉर्डिंग के दौरान यूपी लहजे के शब्दों पर आपत्ति जताई थी।
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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। किशोर कुमार (Kishore Kumar) का नाम हिंदी सिनेमा के दिग्गज कलाकारों में गिना जाता है। सिंगर के मस्तमौला और हाजिरजवाबी की वजह से भी उन्हें काफी पसंद किया जाता था। अभिनेता किशोर कुमार को अपनी अजीबोगरीब और मजाकिया हरकतों के लिए आज भी याद किया जाता है।
पत्नी की चप्पल पहनकर पहुंचे थे सिंगर
क्या आपको पता है कि सिंगर एक बार एक गाने की रिकॉर्डिंग के लिए चप्पल के ऊपर मोजे पहनकर पहुंच गए थे। और तो और मजा तो तब आया जब सामने वाले ने ध्यान दिया कि उन्होंने एक चप्पल खुद की और एक अपनी पत्नी की पहन रखी है। चाइना सिल्क की लुंगी और कुर्ते के नीचे किशोर दा ये भेष बनाकर पहुंचे थे।
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समीर अंजान ने सुनाया मजेदार किस्सा
चप्पलों के अलावा, वह अपनी आंखों में काजल लगाकर रिकॉर्डिंग स्टूडियो पहुंचे जिसे देखकर सभी हैरान रह गए। दरअसल ये किस्सा 1978 का है। मशहूर गीतकार समीर अंजान पहली बार अपने पिता के साथ स्टूडियो पहुंचे थे क्योंकि उन्हें किशोर कुमार को देखना था। सब उनका बेसब्री से इंतजार कर रहे थे जब अभिनेता ने अपने इस लुक के साथ सभी को चौंका दिया। ऐसे में समीर अंजान उन्हें देखकर अपनी हंसी नहीं रोक पाया। समीर ने किस्सा खुद कपिल शर्मा के शो पर बताया था।
गाने के शब्दों पर जताई थी आपत्ति
स्टूडियो में जिसे गाने की रिकॉर्डिंग होनी थी वो था अमिताभ बच्चन की ब्लॉकबस्टर फिल्म डॉन का गाना खईके पान बनारस वाला। स्टूडियो आते ही किशोर दा ने अंजान से कहा, हां बता, क्या लिखवाना है? अंजान जी ने उन्हें गाने का मुखड़ा सुनाया -
"अरे भंग का रंग जमा हो चकाचक, फिर लो पान चबाय
अरे ऐसा झटका लगे जिया पे, पुनर जनम होइ जा"
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ये सुनते ही किशोर कुमार ने अंजान से कहा कि तू कहा से ऐसे-ऐसे शब्द ढूंढ़कर लाता है। मैंने अपनी जिंदगी में 'चकाचक' शब्द नहीं सुना। मैं ये गाना नहीं गाऊंगा। समीर अंजान के पिता ने कहा कि दादा पहले पूरा गाना लिख लीजिए फिर मैं आपको चकाचक का भी मतलब बता दूंगा और अन्य आने वाले शब्दों का भी। इसके बाद मुख्य लाइन आई- खईके पान बनारस वाला। किशोर दा बोले- 'खईके क्यों मैं खाके गाऊंगा। तुम कुछ भी कर लो मैं खईके गाऊंगा ही नहीं।'
समीर अंजान ने सिंगर को क्या समझाया
बाद में समीर अंजान ने उन्हें समझाया कि इस मूवी में जो कैरेक्टर है वो यूपी का है। अंजान की मातृभाषा भी यूपी कि थी। इस तरह जब उन्हें मौका मिला तो उन्होंने फटाक से इनका प्रयोग कर लिया। अगर आपको इन शब्दों का मतलब और अच्छे से समझना है तो मेरे साथ बनारस की गलियों में खाक छानने चलिए। तो इस तरह समीर अंजान के कहने पर किशोर दा ने ये गाना एक ही टेक में रिकॉर्ड किया और ये सुपरहिट साबित हुआ।
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