मुंबई। आमिर ख़ान और अमिताभ बच्चन की मेगा बजट मूवी 'ठग्स ऑफ़ हिंदोस्तान' रिलीज़ के बाद ऐसी गिरी कि कि उठने का नाम ही नहीं लिया। हर रोज़ फ़िल्म के कलेक्शंस में गिरते रहे। अब नौबत यह आ गयी है कि फ़िल्म से जुड़े बिज़नेस पार्टनर्स पुरानी डील्स पर पुनर्विचार करने की मांग करने लगे हैं।

शुक्रवार (16 नवंबर) को फ़िल्म का दूसरा हफ़्ता शुरू हुआ और इसने ₹1.30 करोड़ का कलेक्शन किया। शनिवार को आंकड़े कुछ बेहतर हुए और कलेक्शन ₹1.75 करोड़ रहा, लगभग 50 लाख की यह बढ़ोत्तरी पहली बार हुई है और रविवार को इसने 2.40 करोड़ जमा किये। ये सिर्फ़ हिंदी भाषा से जुटाई गयी रकम है। तमिल और तेलुगु में फ़िल्म की हालत और भी ख़राब है। शुक्रवार को इन दोनों भाषाओं का कलेक्शन चार लाख रुपये रहा, जबकि शनिवार को 5 लाख रुपये और रविवार को 6 लाख रुपये रहा। इस तरह दूसरे वीकेंड के बाद ठग्स ऑफ़ हिंदोस्तान के कलेक्शंस 145.95 करोड़ हो गये। 

सिनेमाघरों में फ़िल्म के इतने ख़राब प्रदर्शन की वजह से अब दूसरी तरह की दिक्कतें भी आने लगी हैं। ट्रेड जानकारों के मुताबिक वितरक और एग्ज़िबिटर्स नुक़सान की भरपाई की बात कर रहे हैं तो जिन पार्टनर्स ने आसमान छूती क़ीमतों पर राइट्स ख़रीदे हैं, वो इसके थिएट्रिकल प्रदर्शन के बाद डील को फिर निगोशिएट करना चाहते हैं। वहीं, चीन के वितरक भी मिनिमम गारंटी की रकम पर पुनर्विचार करने के लिए दबाव बना रहे हैं। सुनने में यह भी आ रहा है कि सिनेमाघरों में फ़िल्म का यह आख़िरी हफ़्ता हो सकता है।

यशराज फ़िल्म्स निर्मित 'ठग्स ऑफ़ हिंदोस्तान' को विजय कृष्ण आचार्य ने डायरेक्ट किया है, जो इससे पहले आमिर ख़ान के साथ 'धूम 3' जैसी कामयाब मसाला एंटरटेनर बना चुके हैं। 'ठग्स...' की कहानी ब्रिटिश हुकूमत के दौर की है। अमिताभ बच्चन एक फ्रीडम फाइटर के रोल में हैं, जिसने समंदर के ज़रिए ब्रिटिश हुक्मरानों की नाक में दम किया हुआ है। आमिर ख़ान एक ठग के रोल में है, जिसे ब्रिटिश अमिताभ को ख़त्म करने के लिए भेजते हैं। कटरीना कैफ़ और फ़ातिमा सना शेख़ फ़ीमेल लीड रोल्स में हैं। फ़िल्म में ज़बर्दस्त एक्शन और पानी के जहाज़ों पर लड़ाई के कई हैरतअंगेज़ मंज़र नज़र देखने को मिलते हैं। 

पहले हफ़्ते में ऐसा रहा ठग्स का सफ़र

दिवाली के एक दिन बाद 8 नवंबर (गुरुवार) को रिलीज़ हुई 'ठग्स ऑफ़ हिंदोस्तान' ने ₹52.25 करोड़ की झन्नाटेदार ओपनिंग ली थी, जिसने हिंदी सिनेमा में सबसे बड़ी ओपनिंग का नया कीर्तिमान बनाया। ख़ुद आमिर ख़ान ने अपना पुराना रिकॉर्ड भी ब्रेक किया। इसमें सिर्फ़ हिंदी पट्टी से ₹50.75 करोड़ आये थे, जबकि 1.50 करोड़ तमिल और तेलुगु वर्ज़ंस से मिले थे। दूसरे दिन यानि शुक्रवार को फ़िल्म के कलेक्शंस में ज़बर्दस्त गिरावट आयी और ₹28.25 करोड़ ही जमा कर सकी। यह गिरावट पूरे वीकेंड में जारी रही। फ़िल्म ने शनिवार और रविवार को क्रमश: 22.75 करोड़ और 17.25 करोड़ जमा किये। इसी तरह तमिल और तेलुगु वर्ज़ंस के कलेक्शन भी गिरते रहे। इन दोनों भाषाओं से शुक्रवार को 1 करोड़, शनिवार को 75 लाख और रविवार को भी 75 लाख ही मिले। इस तरह 4 दिन लंबे ओपनिंग वीकेंड में ठग्स हिंदी भाषा से 123 करोड़ और तमिल तेलुगु से 6 करोड़ ही वसूल कर सकी। यक़ीन करना मुश्किल था कि यह वही फ़िल्म है, जिसने रिलीज़ के दिन 50 करोड़ की ओपनिंग का रिकॉर्ड बनाया था। आम तौर पर छुट्टी वाले लंबे वीकेंड में फ़िल्म के कलेक्शंस अगर बढ़ते नहीं तो इतना गिरते भी नहीं हैं। मगर, ठग्स को अभी बुरे दिन देखने बाक़ी थे। 

दिवाली की लंबी छुट्टी के बाद सोमवार से कामकाजी दिन शुरू हुए और ठग्स पूरी तरह ज़मीन पर आ गयी। पहले सोमवार को फ़िल्म (हिंदी) ने 5.50 करोड़ जमा किये, जो ओपनिंग डे के मुक़ाबले 90 फ़ीसदी गिरावट थी। मंगलवार को 4.35 करोड़, बुधवार को 3.50 करोड़ और गुरुवार को 2.60 करोड़ हिंदी बेल्ट से मिले, जबकि तमिल और तेलुगु से सोमवार को 50 लाख, मंगलवार को 40 लाख, बुधवार को 30 लाख और गुरुवार को सिर्फ़ 25 लाख मिले। 

'टाइटैनिक' जैसा है फ़िल्म का बजट

ठग्स ऑफ़ हिंदोस्तान को बनाने में ₹240 करोड़ की लागत बतायी जाती है। निर्माताओं को ₹150 करोड़ की रिकवरी डिजिटल राइट्स से ही हो चुकी है। मगर, वितरकों और एग्जिबिटर्स को नुक़सान से बचाने के लिए फ़िल्म का चलना बेहद ज़रूरी था, जो अब काफ़ी मुश्किल दिख रहा है। 'ठग्स ऑफ़ हिंदोस्तान' का रन टाइम यानि फ़िल्म की अवधि 2 घंटा 44 मिनट और 30 सेकंड है। भारत में यह 5000 स्क्रींस पर रिलीज़ की गयी, जिनमें से 4500 से कुछ अधिक स्क्रींस सिर्फ़ हिंदी भाषा के लिए थीं, जबकि बाक़ी स्क्रींस तमिल और तेलुगु भाषा के लिए एलॉट की गयीं। ओवरसीज़ में 2000 स्क्रींस पर फ़िल्म उतारी गयी थी। यह अब तक की सबसे बड़ी बॉलीवुड रिलीज़ है। 

ठग्स को समीक्षकों ने जमकर धोया

तक़रीबन सभी समीक्षकों ने फ़िल्म को 'ख़राब' से 'बेहद ख़राब' रेटिंग्स दी थीं। वहीं, फ़िल्म देखकर आने वाले दर्शकों के बड़े वर्ग ने भी सोशल मीडिया में इसकी बखिया उधेड़ दी। नतीजा यह हुआ कि दिवाली के आस-पास लम्बी छुट्टियों का भी फ़िल्म को कोई फ़ायदा नहीं मिल सका। पहले शुक्रवार को भाई दूज की बड़ी छुट्टी होने के बावजूद 'ठग्स ऑफ़ हिंदोस्तान' दर्शकों की प्राथमिकता नहीं बन सकी।

Posted By: Manoj Vashisth