मुंबई। जब शादी की बात आती है तो कहते हैं कि जोड़ियां रब बनाता है, मगर जब पर्दे पर जोड़ी बनाने की बात चलती है तो इसका फ़ैसला बॉक्स ऑफ़िस करता है। हर शुक्रवार इन जोड़ियों की क़िस्मत तय होती है, टूटेगी या आने वाले वक़्त में बनी रहेगी, फ़िल्म की सक्सेस ये डिसाइड करती है। मगर कुछ जोड़ियां ऐसी बन जाती हैं, जिनकी कशिश वक़्त की रफ़्तार भी कम नहीं कर पाती।

काजोल ऐसी एक्ट्रेस हैं, जिनके साथ शाह रुख़ की जोड़ी को दर्शकों ने ख़ूब पसंद किया। 'बाज़ीगर' में दोनों ने पहली बार साथ काम किया। बाद में 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' जैसी कल्ट क्लासिक फ़िल्म शाह रुख़-काजोल ने दी। दोनों कई साल बाद दिलवाले में साथ आये।

कटरीना कैफ़ ने अपने दौर के लगभग सभी बड़े एक्टर्स के साथ जोड़ी बनायी है। इनमें से अक्षय कुमार के साथ उनकी ख़ूब बनी और जमी। दोनों ने 'नमस्ते लंदन', 'सिंह इज़ किंग' और 'वेलकम' जैसी कामयाब फ़िल्में दी हैं।

रितिक और ऐश्वर्या राय ने तीन फ़िल्मों 'धूम2', 'जोधा-अकबर' और 'गुज़ारिश' में साथ काम किया है। इनकी जोड़ी को काफ़ी पसंद किया जाता है। दोनों को ऑनस्क्रीन परफेक्ट कपल माना जाता है।

 

अनिल कपूर और माधुरी दीक्षित ने नब्बे के दशक में कई हिट फ़िल्मों में काम किया। दोनों पहली बार 1987 की फ़िल्म 'हिफ़ाज़त' में साथ आये, मगर 1988 की फ़िल्म 'तेज़ाब' की ज़बर्दस्त कामयाबी ने इनकी पेयरिंग को मज़बूती दी। अनिल-माधुरी ने बाद में 'राम लखन', 'बेटा' और 'परिंदा' जैसी फ़िल्में दीं।

आमिर ख़ान और जूही चावला पहली बार 'कयामत से कयामत तक' में पेयर आप हुए। ये फ़िल्म सुपर हिट रही।दोनों ने बाद में कई कामयाब फ़िल्मों में साथ काम किया। 

अस्सी के दशक में जीतेंद्र और श्रीदेवी की जोड़ी भी काफ़ी हिट रही थी। 'तोहफ़ा' और 'हिम्मतवाला' जैसी फ़िल्मों के ज़रिए दर्शकों ने इनकी अदाकारी का लुत्फ़ उठाया।

अमिताभ बच्चन और रेखा की जोड़ी सत्तर और अस्सी के दशक में ऑनस्क्रीन काफ़ी हिट रही और कई कामयाब फ़िल्मों में दोनों साथ आये, मगर पर्सनल लाइफ़ की बिगड़ी समीकरण ने बिग बी-रेखा की जोड़ी का सिलसिला तोड़ दिया।

धर्मेंद्र और हेमा मालिनी एक दौर में एक-दूसरे के पर्याय बन गये थे। इनकी प्रेम कहानी ऑन एंड ऑफ़ स्क्रीन ख़ूब चली। धर्मेंद्र-हेमा हिंदी सिनेमा के सबसे ख़ूबसूरत जोड़ियों में शामिल हैं। कई हिट फ़िल्मों में वीरू-बसंती की जोड़ी ने अपनी अदाकारी से लोगों का मनोरंजन किया।

सत्तर के दशक में राजेश खन्ना के बारे में कहा जाता था- ऊपर आका, नीचे काका। उनके स्टारडम के आगे बड़े-बड़े सितारे फीके हो गये थे। अपनी फ़िल्मों के ज़रिए काका ने पर्दे से लेकर दिलों तक राज किया और उनकी इस शोहरत में शर्मिला टैगोर का नाम ज़रूर लिया जाएगा, जिनके साथ राजेश खन्ना ने 'आराधना', 'अमर प्रेम', 'दाग़' और 'सफ़र' जैसी फ़िल्मों में काम किया।

राज कपूर और नर्गिस की जोड़ी ने भी सिनेमा की दुनिया में ख़ूब शोहरत कमाई। दोनों को रियल लाइफ़ में भी स्ट्रांग कपल माना जाता रहा। आग, श्री 420 और अवारा जैसी फ़िल्मों में राज कपूर और नर्गिस के रोमांस ने नई परिभाषा लिखी। 

 

Posted By: Manoj Vashisth