नई दिल्ली, एजेंसियां। सिने अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती(Mithun Chakraborty) एक बार फिर से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं में हैं। करीब पांच सालों तक राजनीति से दूर रहे मिथुन चक्रवर्ती रविवार को भाजपा में शामिल हो गए। इस तरह बंगाल में विधानसभा चुनावों से पहले ममता बनर्जी के एक और सिपहसालार की भाजपा में एंट्री हो गई। मिथुन चक्रवर्ती की बात करें तो वह एक समय तृणमूल कांग्रेस(टीएमसी) की ओर से राज्यसभा सांसद थे। उन्हें सक्रिय राजनीति में लाने का श्रेय भी ममता बनर्जी को जाता है। लेकिन, 2016 में मिथुन चक्रवर्ती ममता को छोड़ राजनीति से दूर चले गए थे। सभी के मन में सवाल होंगे कि आखिरी टीएमसी से अपनी राजनीति की शुरुआत करने वाले मिथुन के साथ ऐसा क्या हुआ जिस कारण उन्होंने सालों पहले पार्टी को छोड़ दिया और अब भाजपा का हाथ थाम लिया है। आइए जानते हैं मिथुन चक्रवर्ती का राजनीतिक इतिहास कैसा रहा है।

2016 में राज्यसभा से इस्तीफा, राजनीति से दूरी

मिथुन चक्रवर्ती ने साल 2016 में राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उस दौरान इस्तीफे की वजह उन्होंने स्वास्थ्य कारणों को बताया था। जिस समय मिथुन ने ममता का साथ छोड़ा तब उनके डेढ़ साल का कार्यकाल बचा हुआ था। लेकिन ऐसा कहा जाता है कि ममता बनर्जी से मतभेद होने के बाद उन्होंने टीएमसी से नाता तोड़ लिया था। हालांकि, इसकी कभी कोई पुष्टि नहीं हो पाई। तृणमूल कांग्रेस ने मिथुन के इस्तीफे की पुष्टि कर कहा था कि भविष्य में मिथुन से पार्टी के रिश्ते बने रहेंगे। लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ।

कैसे मिला था राजनीति में मौका ?

मिथुन चक्रवर्ती को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2011 में ममता बनर्जी ने पहली बार मौका दिया था। भारी बहुमत से राज्य में अपनी सत्ता कायम करने वाली ममता ने तब मिथुन को टीएमसी की ओर से राज्यसभा सदस्य बनने का न्योता दिया था। मिथुनसीपीएम नेता और पूर्व खेल मंत्री दिवंगत सुभाष चक्रवर्ती के नजदीकी थे। हालांकि, उन्हें सक्रिय राजनीति में लाने का पूरा श्रेय ममता को ही जाता है।

कभी रहे ममता के सिपहसालार, अब TMC को देंगे टक्कर

ममता बनर्जी (Mamata Banejree) के करीबी रहे करीब दर्जनों नेता अब भाजपा(BJP) में शामिल हो चुके हैं। अब ये सभी नेता विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को चुनौती दे रहे हैं। ममता के खिलाफ सियासी लड़ाई में अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती (Mithun chakorborty), मुकुल रॉय (Mukul Roy) , शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari), दिनेश त्रिवेदी (Dinesh Trivedi), अर्जुन सिंह (Arjun Singh), राजीव बनर्जी (Rajib Banerjee), सौमित्र खान (Saumitra Khan), भारती घोष ( Bharti Ghosh), सव्यसाची दत्ता (Sabyasachi Dutta), अनुपम हाजरा (Anupam Hazara) , शोभन बनर्जी (Sovan Banrjee), शंकु देब पांडा, मिहिर गोस्‍वामी जैसे नेता भाजपा में आकर टीएमसी को चुनौती देने को तैयार हैं।

Edited By: Shashank Pandey