नई दिल्‍ली, पीटीआइ। निर्वाचन आयोग (Election Commission, EC) ने पश्चिम बंगाल में बचे चार चरणों के चुनावों को संपन्‍न कराने के लिए गृह मंत्रालय से केंद्रीय सशस्त्र बलों (Central Armed Police forces, CAPFs) की 71 अतिरिक्त कंपनियां भेजने को कहा है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि आयोग ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को सुरक्षा बलों की इन कंपनियों को तत्‍काल तैनात करने के निर्देश जारी किए हैं।

माना जा रहा है कि निर्वाचन आयोग ने यह आदेश बंगाल में चुनावी हिंसा की कई घटनाओं के मद्देनजर दिया है। हिंसा की इन घटनाओं में कूचबिहार में हुई झड़प भी शामिल है जहां केंद्रीय बलों के कर्मियों की गोलीबारी में चार लोगों की मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि केंद्रीय बलों ने कथित रूप से हमला होने के बाद जवाबी कार्रवाई की। अब तक राज्य में शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए कुल 1,000 कंपनियों को तैनात किया गया था।  

समाचार एजेंसी पीटीआइ के मुताबिक नई कंपनियों को सीमा सुरक्षा बल (33), भारत तिब्बत सीमा पुलिस (13), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (12), सशस्त्र सीमा बल (9) और सीआईएसएफ (4) से लिया गया है। मालूम हो कि सीएपीएफ की एक कंपनी में लगभग 85 जवान शामिल होते हैं। मालूम हो कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा की 294 सीटों के लिए आठ चरणों में मतदान हो रहा है। अगले चार चरणों के चुनाव 17, 22, 26 और 29 अप्रैल को होने हैं। 

मालूम हो कि पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में शनिवार को स्थानीय लोगों द्वारा हमला किए जाने के बाद सीआईएसएफ के जवानों ने अपने बचाव में कथित तौर पर गोलियां चलाई जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। समाचार एजेंसी पीटीआइ के मुताबिक बताया जाता है कि स्थानीय लोगों ने सीआईएसएफ जवानों से उनकी राइफलें छीनने की कोशिश की थी। यह घटना सीतलकूची में हुई जब मतदान चल रहा था।

टीएमसी ने दावा किया कि मारे गए चार लोग उसके समर्थक थे। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कूचबिहार जिले में शनिवार को चौथे चरण के मतदान के दौरान हुई हिंसा को दुखद बताया। उन्‍होंने इस घटना में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई साथ ही निर्वाचन आयोग से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की गुजारिश की। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि भाजपा के पक्ष में जनसमर्थन देख ममता बनर्जी बौखला गई हैं।