लखनऊ (जेएनएन)। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बाद अब गुरुवार को समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव भी दुष्कर्म के आरोपों से घिरे मंत्री गायत्री प्रजापति के समर्थन में अमेठी में चुनावी जनसभा करने वाले थे लेकिन इसके होने में संदेह पैदा हो गया है। इस सभा को देर रात निरस्त किए जाने की सूचना है। विधानसभा चुनाव घोषित होने के बाद से मुलायम की यह चौथी सभा होगी। इससे पहले भाई शिवपाल व बहू अपर्णा यादव के समर्थन में मुलायम चुनावी जनसभा कर चुके हैं।

यह भी पढ़ें-Elections 2017: उत्तर प्रदेश को 'कसाब' से मुक्ति दिलाएगी भाजपा

सपा अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद संरक्षक बने मुलायम ने 11 फरवरी को इटावा के ताखा में भाई शिवपाल के पक्ष में पहली जनसभा की, तीन दिनों बाद जसवंतनगर क्षेत्र में ही उन्होंने दूसरी सभा कर वोट मांगे। तीसरी जनसभा अपनी छोटी बहू अपर्णा यादव के समर्थन में लखनऊ के कैंट क्षेत्र में की थी। चौथी सभा अमेठी में पहले से 23 फरवरी को तय थी लेकिन पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर अमेठी से सपा प्रत्याशी व परिवहन मंत्री गायत्री प्रजापति के खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बाद मुलायम की सभा को लेकर असमंजस की स्थिति थी।

यह भी पढ़ें-यूपी चुनाव में जुमलेबाजी : बहनजी संपत्ति पार्टी का जवाब निगेटिव दलित मैन

उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अमेठी में जनसभा की थी लेकिन उन्होंने गायत्री के साथ मंच साझा नहीं किया था। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री की तरह ही मुलायम के जनसभा के मंच पर पहुंचने पर गायत्री को मंच से दूर रहने का संदेश दिया गया है। प्रजापति के नुमाइंदे के रूप में उनके बेटे मुलायम का मंच पर अभिनंदन करेंगे। सपा सूत्रों के मुताबिक गायत्री के अलावा मुलायम के आगे किसी और के लिए चुनावी सभा करने की संभावना कम ही है।

यह भी पढ़ें-UP Assembly Election: बुंदेलखंड की तिजोरी हथियाने को चुनावी सियासत

गायत्री के खौफ से महिला लखनऊ आने को राजी नहीं

परिवहन मंत्री गायत्री प्रजापति समेत उनके सात करीबियों पर दुष्कर्म समेत अन्य गंभीर धाराओं में एफआइआर कराने वाली महिला ने जान का खतरा बताते हुए दिल्ली पहुंची लखनऊ पुलिस के साथ आने से इन्कार कर दिया है। लिहाजा लखनऊ पुलिस दिल्ली में ही महिला के बयान दर्ज कराने की तैयारी कर रही है। सीओ आलमबाग अमिता सिंह रात महिला के बयान लेने के लिए दिल्ली पहुंच गईं। एसएसपी मंजिल सैनी के मुताबिक महिला लखनऊ आने में डर रही है, इसलिए प्रयास किए जा रहे हैं कि दिल्ली में ही मजिस्ट्रेट के सामने164 के बयान दर्ज कराए जाएं। इसके लिए एक पत्र के माध्यम से स्वीकृति लेनी होगी। अगर महिला लखनऊ आने को राजी हो गई तो घटनास्थल का निरीक्षण कराने के साथ उसके यहां बयान दर्ज होंगे। सीओ आलमबाग ने बताया कि महिला दिल्ली में गोपनीय स्थान पर बयान दर्ज कराना चाहती है। उसे लखनऊ आने में असुरक्षा महसूस हो रही है इसलिए लखनऊ पुलिस दिल्ली में बयान ले रही है। गौरतलब है कि 18 फरवरी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गौतमपल्ली थाने में गायत्री प्रसाद प्रजापति समेत सात लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म, दुष्कर्म का प्रयास, धमकी, पॉक्सो एक्ट समेत आइपीसी की अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है।

Posted By: Nawal Mishra

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस