सुलतानपुर (जेएनएन)। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के चौथे चरण के मतदान से पहले जनसभाओं में नेताओं की जुमलेबाजी जारी है। उरई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बहुजन समाज पार्टी की नई परिभाषा के जवाब में आज बसपा की मुखिया मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम का नया दीर्घ रूप दिया।सुलतानपुर की चुनावी सभा में मायावती ने नरेन्द्र दामोदर मोदी को नया नाम यानी 'निगेटिव दलित मैन' दे डाला। मायावती ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दलित विरोधी हैं। अगर वह जुमलेबाजी करते हैं तो दलित की बेटी जुमलेबाजी में कम नही। मैं आज आपको मोदी का नया नाम बता रही हूं। मायावती ने कहा कि नरेंद्र का मतलब निगेटिव, दामोदर का मतलब दलित और मोदी का मतलब मैन। यानी निगेटिव दलित मैन।

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मायावती ने कहा कि मोदी ने ही देश को पीछे ढकेला है। जनता उनकी जिद के कारण ही नोटबंदी से अभी तक नही उबर पाई है। उनके कारण लाखों लोग बेरोजगार हो गए हैं जबकि मोदी ने अपने चेहेतों का कालाधन ठिकाने लगवाया। इसके बाद तो मोदी को विरोधियों को भ्रष्टाचार पर बोलने का नैतिक अधिकार नही है। प्रधानमंत्री शादी करके अपने पत्नी को छोड़ दिया। यह गलत बात है। भाजपाई जुमलेबाजी में माहिर हैं। बसपा को बहन जी संपत्ति पार्टी कहकर जुमला छोड़ा है। हम स्पष्ट कर दें कि बसपा पार्टी बाद में है पहले वो मूवमेंट है। प्रधानमंत्री द्वारा उरई की सभा में की गई जुमलेबाजी का यही जवाब है। हम भी उनके नाम का मतलब बता देते हैं।

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कमजोर वर्ग के लोग हमें नेता ही नहीं अपनी धरोहर मानते हैं। बसपा प्रमुख ने कहा हमने कमजोर वर्ग के उत्थान के लिए विवाह नहीं किया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विवाह कर पत्नी को छोड़ दिया। जब यह अपनी पत्नी के नहीं हो सके हैं तो फिर आपके कैसे हो सकते हैं। बसपा के बढ़ते जनाधार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुखी हैं। अब जनता पीएम के जुमलेबाजी का जवाब देगी, वे जुमलेबाजी करना भूल जाएंगे। अल्पसंख्यक वोट बटे तो भाजपा को फायदा होंगा। भाजपा को रोकने में बसपा ही सक्षम है।

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समाजवादी पार्टी पर भी मायावती ने भी हमला बोला। बसपा मुखिया ने कहा कि अखिलेश यादव ने अगर बलात्कारियों पर कार्रवाई की होती तो सपा मुखिया को यहां बारबार सभा न करना पड़ता। जनता तय करेगी कि दागी चेहरों को चुनेगी या बेदाग बसपा को। सपा में अपराध ही बोलता है। भीड़ बता रही है कि यूपी में बसपा की सरकार आने वाली है। कांग्रेस-सपा का गठबंधन स्वार्थ का गठबंधन। यूपी में बसपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी। सपा के खिलाफ महिलाओं का गुस्सा। सीएम ने मंत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। सपा सरकार ने दुष्कर्म आरोपियों पर नहीं की कार्रवाई। सपा ने बीएसपी की योजनाओं का नाम बदला। सपा दो खेमों में बंटी है। सपा के लोग एक दूसरे को हराने में लगे हैं।

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Posted By: Sachin Mishra

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