वाराणसी (जेएनएन)। केंद्रीय मंत्रियों का चुनावी अभियान आज पूर्वांचल की तरफ रहा। वाराणसी केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि वो अब सठिया गए हैं। लालू यादव लालटेन की रोशनी में बनारस का विकास देखने आए थे। उन्हें नहीं पता कि विकास देखने के लिए सूरज की रोशनी चाहिए, लालटेन नहीं। 

सिगरा स्थित रासरंग हॉल में बुधवार को प्रबुद्ध महिलाओं की ओर से आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के बाद स्मृति मीडिया से मुखातिब थीं। उन्होंने आधी आबादी को आगाह करते हुए कहा कि पीएम ने बहू-बेटियों के बारे में सोचा। महिलाएं शौच के लिए बाहर न जाएं इसके लिए फंड की व्यवस्था की। छोटे-मोटे रोजगार के लिए मुद्रा लोन की व्यवस्था की। परिणाम यह रहा कि मुद्रा लोन की 70 फीसद महिलाएं लाभार्थी हैं। जब कोई आदी आबादी के लिए इतना सोचता है तो उनका भी फर्ज बनता है कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस आठ मार्च को उन्हें कुछ वापस किया जाए। स्मृति ईरानी ने टीवी सीरियल की चर्चा करते हुए कहा कि महिलाएं तुलसी बनकर अपने परिवार के साथ देश के बारे में विचार करें। यूपी में तो कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई। भय के मारे बेटियां स्कूल व प्रताडि़त गरीब महिलाएं थाने तक नहीं जाना चाहती हैं। भयमुक्त प्रदेश बनाने के लिए यहां भाजपा की सरकारी जरूरी हो गई है। सीएम अखिलेश यादव पीएम को अपशब्द बोलते हैं। भई, जिसने अपने पिता का सम्मान नहीं किया, वह मोदी को सम्मान कैसे दे सकता है। 
बुनकरों हेतु एक करोड़ का कोष
बजरडीहा पहुंची स्मृति ईरानी ने सभा में केंद्र सरकार द्वारा बुनकरों के लिए चलाई गईं योजनाओं की जानकारी दी। बताया कि बुनकरों के लिए एक हेल्पलाइन नंबर है। इसके सहयोग द्वारा बुनकरों को धागे से लेकर हर चीजों की व्यवस्था की गई है। यूपी में सरकार बनते ही एक करोड़ का कोष बनेगा। बिना ब्याज के बुनकरों को लोन मिलेगा। बनारस में लूम खरीदने के लिए बुनकरों को 90 फीसद धनराशि सरकार देगी। शिल्पकारों के लिए भी योजनाएं बनाई गई हैं। 

Posted By: Nawal Mishra

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