वाराणसी (जेएनएन)। देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली को भरोसा है कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी। वित्त मंत्री जेटली ने आज वाराणसी में दौरे के दौरान मीडिया को संबोधित किया। 

अरुण जेटली ने कहा कि पांच चरण के मतदान के बाद तो यह तय है कि भाजपा आराम से उत्तर प्रदेश में सरकार बनाएगी। इसको देखकर छठें तथा सातवें चरण में समाजवादी पार्टी ने जैसे उम्मीदवार उतारे है उससे तो मतों का ध्रुवीकरण हो रहा है। आपराधिक पृष्ठभूमि के लोगों से दूरी दिखाना अब तो सपा का दिखावा मात्र है। उत्तर प्रदेश में सपा व बसपा में जाति-विशेष का ही कब्जा रहता रहा है और अन्य लोगों को न्याय नही मिलता।
कमजोर और गरीब वर्ग की भाजपा से न्याय की उम्मीद और बढ़ी है। इस मामले में महाराष्ट्र और उड़ीसा के नतीजों ने भी काफी कुछ स्पष्ट किया है। विकास के मुद्दों को लागतर साथ ले के चल रही भाजपा के साथ देश-समाज का बड़ा पक्ष जुड़ा है। यूपी चुनाव में भी ये दिख रहा है। पूर्ण विश्वास है कि यूपी में भाजपा कंफर्टेबल मेजॉरिटी में होगी और सरकार बनाएगी।
प्रदेश के दोनों क्षेत्रीय दल सपा और बसपा के जातीय आधार पर समाज बंटाने वाले शासन को झेलने के बाद मतदाता अब उनके खिलाफ विद्रोह के मूड में हैं। यूपी में वर्ग विशेष की आईडेंटिटी से खुद को जोड़ना और उन्हीं के हितों को बढ़ावा देना इन दलों की राजनीति बन चुकी है। उन्हीं सीमित लोगों को प्रतिनिधित्व दिया जाता है बाकि सब दरकिनार रहते हैं। अन्य वर्ग को शासन से न्याय नहीं मिलता। भेदभाव की भवन भी बढ़ी है।
इन दलों ने आपराधिक छवि के लोगों को चुनाव में राजनीति का हिस्सा बनाया। सपा ने दिखावा तो किया लेकिन टिकट ऐसे ही लोगों को दिया। बसपा को भी ऐसे कंडीडेटों से परहेज नहीं है। इन्हीं के आधार पर समाज का ध्रुवीकरण करने की भी कोशिश हुई। लेकिन अब ये फार्मूले सफल नहीं होंगे। 
कांग्रेस अब अर्थव्यवस्था की कल्पना में भी विफल : जेटली
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि अब तो कांग्रेस अर्थव्यवस्था की कल्पना में भी विफल हो गई है। विमुद्रीकरण के उद्देश्यों में हम सफल हुए तो कांग्रेस उदासीन हो गई। कांग्रेस सहित सभी विरोधियों ने नोटबंदी का विरोध किया जबकि जनता हमारे साथ रही। जेटली ने कहा कि भाजपा के प्रदर्शन को देखकर कांग्रेस हैरान है।
इसके बाद जीडीपी के आंकड़ों को देख कांग्रेस उदासीन हो गई है। विमुद्रीकरण के बाद जिस हिसाब से विरोधी दल ने विरोध किया उससे गरीब तबका हमारे पक्ष मे खड़ा रहा। मोदी सरकार के 3 वर्ष के कार्यकाल में अर्थव्यवस्था ने तेजी से विकास किया। राजस्व के आंकड़ों ने इसे स्पष्ट भी किया। अब उसमें किसी के आकलन की गुंजाइश नहीं बची। बावजूद इसके खूब अफवाहें उड़ाई गईं और जनता को भ्रमित करने का प्रयास हुआ।
दिल्ली यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर जेटली बोले कि बिहार चुनाव के पहले अवार्ड वापसी हुई थी तो यूपी चुनाव में ऐसे लोग भला कैसे पीछे रहेंगे। राष्ट्रवाद पर बहस होती है तो हम हिस्सा लेंगे।

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