हैदराबाद, जेएनएन। तेलंगाना कांग्रेस में टिकट बंटवारे को लेकर विरोध चरम पर पहुंच गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आबिद रसूल खान ने पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया है। आबिद रसूल खान ने तेलंगाना में टिकट बंटवारे में अल्पसंख्यकों की अनदेखी के चलते पार्टी से इस्तीफ़ा दिया है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अपना इस्तीफ़ा भेज दिया है। आबिद रसूल खान ने पार्टी में अल्संख्यकों को उचित प्रतिनिधित्व न मिलने के चलते इस्तीफ़ा दिया है। आबिद रसूल खान पिछले 32 सालों से कांग्रेस से जुड़े हुए थे। उनके पिता भी कांग्रेस पार्टी में थे।

कांग्रेस तेलंगाना में टीडीपी, सीपीआइ, और टीजेएस के साथ महागठबंधन बनाकर चुनाव मैदान में उतर रही है। विधानसभा की कुल 119 सीटों में से कांग्रेस 94 पर चुनाव लड़ने जा रही है। इनमें से 75 सीटों के लिए कांग्रेस ने अपने प्रत्‍याशियों के नामों की घोषणा कर दी है। कांग्रेस की ओर से जारी की गई, दूसरी सूची में 10 प्रत्‍याशियों के नाम हैं। दोनों सूचियों के 75 प्रत्‍याशियों में से मुस्लिम सिर्फ 4 हैं। खबरों के मुताबिक, मुस्लिम नेताओं ने 14 सीटों की मांग की थी। लेकिन उन्‍हें सिर्फ चार दी गई हैं, जो उनके समुदाय के साथ न्‍याय नहीं है।

आबिद ने पार्टी छोड़ने से पहले दी थी धमकी

आबिद रसूल खान ने कहा था कि अब उन्‍हें पार्टी छोड़ने के अलावा कोई विकल्‍प नजर नहीं आ रहा। मुस्लिमों को दी गई चार सीटों में से तीन हैदराबाद ओल्ड सिटी से हैं। वहीं चौथी कामारेड्डी है, जिसका पूर्व मंत्री शबीर अली लंबे समय से प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। आबिद ने बताया कि ओल्ड सिटी में भी तीन सीट असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के गढ़ में हैं, इसलिए ये सीटें किसी भी पार्टी से किसी भी मुस्लिम के लिए 'असुरक्षित' हैं। उन्‍होंने बताया कि हमने राहुल गांधी और आरसी खुंटिया (तेलंगाना कांग्रेस प्रभारी) से मिलने की कोशिश की थी। लेकिन हमें मिलने के लिए समय नहीं दिया गया। आबिद के मुताबिक, लगभग 45 विधानसभा क्षेत्र ऐसे में हैं, जिन पर मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

Posted By: Tilak Raj

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