नई दिल्ली, जेएनएन। तमिलनाडु की राजनीति की बात आती है, तो डीएमके और एआईएडीएमके बीच कड़े मुकाबले की तस्वीर जेहन में उभरती है। राज्य की राजधानी चेन्नई में हमेशा से ही दोनों पार्टियों के लिए चुनावी अस्मिता का संघर्ष रहा है। कभी डीएमके आगे तो कभी एआईएडीएमके। डीएमके ने इस बार चेन्नई पर ज्यादा ही बड़ा दांव खेला है। चेन्नई से ही डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन चुनावी ताल ठोंक रहे हैं और यहीं से तमिलनाडु की राजनीति के धुरंधर रहे एम. करुणानिधि के पोते उदयनिधि के चुनावी करियर को लॉन्च करने की भी तैयारी है। 

यहां से तीन बार जीते थे करुणानिधि

चेन्नई क्षेत्र की चेपक-थिरुवल्लिकेनी सीट से स्टालिन के बेटे उदयनिधि चुनावी मैदान में उतरे हैं। उदयनिधि जिस सीट से अपना चुनावी करियर शुरू करने जा रहे हैं, वह उनके दादा और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि की पसंदीदा सीट रही है। करुणानिधि चेपक-थिरुवल्लिकेनी सीट से तीन बार चुनाव जीते थे। राजनीतिक चर्चा है कि उदयनिधि के लिए यह सीट इसीलिए चुनी गई है ताकि वह आसानी से जीत हासिल कर सकें। 

राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो चेपक-थिरुवल्लिकेनी सीट पर मुस्लिम और ब्राह्मण मतदाता प्रमुख भूमिका निभाते हैं। 2016 के चुनाव में यह सीट डीएमके ने ही जीती थी। यह एक छोटा विधानसभा क्षेत्र है। शायद इन्हीं कारणों से उदयनिधि के पहले चुनाव के लिए इसे चिन्हित किया गया। दूसरी तरफ, स्टालिन चेन्नई की कोलाथुर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं और वह यहां से दो बार पहले भी जीतकर विधानसभा पहुंच चुके हैं। उनके लिए इस बार भी अधिक मुश्किल नहीं होनी चाहिए। 

खुशबू से हो सकता था मुकाबला

तमिलनाडु की राजनीति में एक अहम नाम फिल्म अदाकारा खुशबू सुंदर का भी है और एक समय माना जा रहा था कि बीजेपी में शामिल होने के बाद वह चेपक-थिरुवल्लिकेनी सीट से चुनाव लड़ेंगी। हालांकि जब प्रत्याशियों की लिस्ट जारी हुई तो ऐसा नहीं हुआ और डीएमके की कट्टर प्रतिद्वंद्वी एआईएडीएमके ने यह सीट अपने गठबंधन में शामिल एक अन्य पार्टी पीएमके को दे दी। 

इससे माना जा रहा है कि एआईएडीएमके ने प्रतिद्वंद्विता के बावजूद करुणानिधि के पोते के लिए राह काफी आसान कर दी है। एक और रोचक तथ्य यह है कि खुशबू जिस सीट (थाउजैंड लाइट्स) से चुनाव लड़ रही हैं, वहीं से स्टालिन ने अपने चुनावी करियर का आगाज किया था। 

चेन्नई की सीटों का गणित

कुल विस सीटें: 16

2016 में

डीएमके जीती: 11

एआईएडीएमके जीती: 4

निर्दलीय जीते: 1

2011 में

डीएमके जीती: 2

एआईएडीएमके जीती: 11

अन्य जीते: 3

 

Edited By: Arun Kumar Singh