चेन्नई, प्रेट्र। तमिलनाडु में चुनावी लड़ाई तेज करते हुए भाजपा ने द्रमुक के खिलाफ एक 'आरोपपत्र' जारी किया। पार्टी ने द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन को खारिज करने के 100 कारण बताए हैं। भाजपा ने द्रमुक पर भाषा एवं जल्लीकट्टू समेत कई मामलों पर लोगों को 'धोखा देने' का आरोप लगाया और तमिलनाडु के लोगों से राज्य के बेहतर भविष्य के लिए चुनाव में अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाले राजग को भारी जनादेश देने की अपील की।

इसमें 11 विषयों के तहत द्रमुक के 'विश्वासघात' की सूची बनाई गई है। इनमें कर्नाटक के साथ कावेरी जल विवाद, तमिल समाज और सामाजिक न्याय जैसे विषय शामिल हैं। इसके अलावा द्रमुक पर बहुसंख्यक हिंदुओं को लेकर प्रतिकूल रुख अपनाने और सत्ता के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया गया है।

भाजपा राष्ट्रीय महासचिव एवं तमिलनाडु के प्रभारी सीटी रवि ने पार्टी के राज्य चुनाव प्रभारी एवं केंद्रीय मंत्री वीके सिंह और अन्य नेताओं की मौजूदगी में यहां राज्य पार्टी मुख्यालय में एक पुस्तिका के रूप में 'आरोपपत्र' जारी किया। राज्य में भाजपा अन्नाद्रमुक नीत गठबंधन का हिस्सा है और 20 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है।

पलानीस्वामी और द्रमुक प्रमुख स्टालिन के नामांकन पत्र मंजूर

राज्य विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी और द्रमुक अध्यक्ष एमके स्टालिन समेत अहम नेताओं के नामांकन पत्र स्वीकार कर लिए गए हैं। तमिलनाडु के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर रविवार को अपडेट किए गए आंकड़े के अनुसार, जांच के बाद कुल 7,255 नामांकन पत्रों में से 4,526 स्वीकार कर लिए गए और 2,726 खारिज कर दिए गए। बारह मार्च से नामांकन पत्र भरा जाना शुरू हुआ था तब से लेकर 19 मार्च की आखिरी तारीख तक 6,183 पुरुषों और 1,069 महिलाओं और तीन ट्रांसजेंडरों ने पर्चा भरा। रविवार को नामांकन पत्रों की जांच की गई और भाजपा प्रत्याशी विनोज पी सेल्वम समेत कई उम्मीदवारों के नामांकन पत्र मंजूर किए गए।

Edited By: Manish Pandey