जयपुर, नरेन्द्र शर्मा। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अपने आधा दर्जन मंत्रियों और 5 संसदीय सचिवों के कामकाज एवं क्षेत्र में कमजोर पकड़ से नाखुश है। मुख्यमंत्री इन मंत्रियों और संसदीय सचिवों के टिकट काट सकती है। हालांकि वसुंधरा राजे ने इन मंत्रियों और संसदीय सचिवों को अब भी अपनी परफॉर्मेंस सुधारने के लिए कहा है। सीएम ने इन्हे कहा है कि सरकारी कामकाज तो वे सही तरीके से नहीं कर सके,लेकिन अब चुनाव निकट आते देख अपने निर्वाचन क्षेत्र और प्रभाव वाले क्षेत्रों में तो अपनी साख सुधार लें,यदि ऐसा नहीं हुआ तो टिकट मिलना मुश्किल है।

विधानसभा चुनाव से मात्र 4 माह पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा अपने मंत्रियों और संसदीय सचिवों के करवाए गए आकलन में जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री नंदलाल मीणा,चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ,शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी,महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिता भदेल,चिकित्सा राज्यमंत्री बंशीधर बाजीया और खान मंत्री सुरेन्द् पाल सिंह टीटी एवं संसदीय सचिवों में ओमप्रकाश हुडला,शत्रुघन गौतम,सुरेश सिंह रावत,विश्वनाथ मेघवाल एवं भैराराम सियोल को लेकर रिपोर्ट में कई तरह की शिकायतें मिली है । मुख्यमंत्री ने यह आकलन जून के दूसरे सप्ताह से जुलाई के तीसरे सप्ताह के मध्य में करवाया है।

इस आंकलन में यह बात सामने आई कि जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री नंदलाल मीणा और खान मंत्री सुरेन्द्र पाल टीटी ने अपने-अपने विभागों में कोई खास काम नहीं किया। इनके विभाग अधिकारियों के भरोसे ही काम कर रहे है। ये दोनों मंत्री अपने निर्वाचन क्षेत्र में भी कम ध्यान देते है। इसी तरह चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ की उनके विधानसभा क्षेत्र मालवीय नगर में तो मजबूत पकड़ बताई गई,लेकिन विभाग में कमजोर पकड़ और भ्रष्टाचार को लेकर आ रही शिकायतों के कारण उनकी छवि खराब बताई गई है।

वहीं शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी,महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिता भदेल और चिकित्सा राज्यमंत्री की विभाग में कमजोर पकड़ के साथ ही निर्वाचन क्षेत्रों में भी हालत पतली बताई गई है।आंकलन करने वाले मुख्यमंत्री के विश्वस्तों में से एक व्यक्ति ने बताया कि सीएम इन मंत्रियों को आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट देने के पक्ष में नहीं है। संसदीय सचिवों में सुरेश रावत,शत्रुघन गौतम,ओमप्रकाश हुडला,विश्वनाथ मेघवाल और भैराराम सियोल को लेकर मिली रिपोर्ट से भी सीएम नाखुश है। इन सभी संसदीय सचिवों की उनके निर्वाचन क्षेत्र में कमजोर पकड़ बताई गई है।

सरकारी योजनाओं को लोगों ने सराहा
पीएम नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की जयपुर यात्रा के बाद मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी सात संभागों जयपुर,कोटा,उदयपुर,जोधपुर,बीकानेर,अजमेर एवं भरतपुर में अपने विश्वस्तों को भेजा था। इन लोगों ने चुनाव को लेकर भाजपा की स्थिति का आकलन करने के साथ ही मंत्रियों और संसदीय सचिवों को लेकर भी फीडबैक लिया। आकलन करने वालों में से एक ने दैनिक जागरण को बताया कि आम लोग केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं से तो खुश है,लेकिन अपने विधायकों से प्रसन्न नहीं है। 

Posted By: Preeti jha

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