जयपुर, जागरण संवाददाता। सचिन पायलट राजस्थान के पांचवें उप मुख्यमंत्री बनाए गए है। सचिन पायलट ने मंत्री के रूप में शपथ ली और फिर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्यपाल कल्याण सिंह की अनुमति से उन्हे उप मुख्यमंत्री का दर्जा दिया है । राज्य में वैसे तो उप मुख्यमंत्री बनाने की परम्परा नहीं रही है, लेकिन मुख्यमंत्री पद के लिए दावेदारी होने अथवा जातिगत समीकरण को साधने के लिहाज से उप मुख्यमंत्री बनाया जाता रहा है। 2002 के बाद राजस्थान को एक बार फिर उप मुख्यमंत्री मिलेगा। सबसे पहले टीकाराम पालीवाल को उप मुख्यमंत्री बनाया गया था। उस समय मोहन लाल सुखाडिया प्रदेश के मुख्यमंत्री थे ।

अब तक ये रहे उप मुख्यमंत्री

टीकाराम पालीवाल को प्रदेश में पहली बार उप मुख्यमंत्री बनाया गया था। एक नवम्बर 1952 से वे दो वर्ष तक इस पद पर रहे। इसके 39 वर्ष पश्चात वर्ष 1993 में भाजपा सरकार में हरिशंकर भाभड़ा को उप मुख्यमंत्री बनाया गया। उस समय भैरोंसिंह शेखावत मुख्यमंत्री थे। इसके बाद वर्ष 2002 में बनवाली लाल बैरवा को गहलोत का उपमुख्यमंत्री बनाया गया।

इसके छह माह पश्चात जाटों को साधने के लिए कांग्रेस ने कमला बेनीवाल को भी उपमुख्यमंत्री बनाया। बैरवा व कमला एक साथ उप मुख्यमंत्री रहे। अब सचिन पायलट पांचवे उप मुख्यमंत्री बने है। करीब पांच साल तक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद पर रहते हुए पायलट ने भाजपा सरकार के खिलाफ कई आंदोलन किए। पायलट ने संगठन में भी अपनी पकड़ मजबूत की और फिर अपनी मर्जी से टिकट भी वितरित कराए।

पायलट ने सीएम पद के लिए बेहद आक्रामक ढंग से सीएम पद की दावेदारी पेश की,लेकिन सियासत के जादूगर अशोक गहलोत के मैनेमेंट के आगे वे फेल रहे। दोनों के बीच चली लम्बी खींचतान के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गहलोत को सीएम और पायलट को डिप्टी सीएम बनाने का फैसला लिया । 

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