जयपुर, जेएनएन। राजस्थान में अपनी सरकार बचाने की कोशिश में जुटी भाजपा ने मतदान से एक दिन पहले अब अपने पन्ना प्रमुखों को सक्रिय कर दिया है। इसके साथ ही संघ के कार्यकर्ता भी पार्टी प्रत्याशियों के लिए अहम भूमिका निभाते दिख रहे हैं।

राजस्थान मे पिछले चुनाव में 200 में से 163 सीटें जीतने वाली भाजपा इस बार सत्ता विरोधी लहर का सामना कर रही है और अपनी सरकार बचाने की जुगत में लगी है। आक्रामक प्रचार अभियान की बदौलत पार्टी अब यहां कई सीटों पर कड़ी टक्कर देती दिख रही है और पार्टी नेताओं को पूरा भरोसा है कि अब हवा बदल गई है और हम फिर सरकार बना रहे हैं।

प्रचार अभियान के साथ ही पार्टी अब चुनाव को लेकर अपनी अंतिम और सबसे आक्रामक रणनीति को अंजाम देने में जुट गई है। इसके तहत पार्टी ने पन्ना प्रमुखों को सक्रिय किया है। पन्ना प्रमुख वो लोग हैं, जिन्हें पार्टी ने यह जिम्मेदारी दी है कि उनके बूथ की मतदाता सूची के एक पन्ने पर जितने मतदाता हैं, उनसे वे व्यक्तिगत संपर्क करें और मतदान वाले दिन उनका वोट पार्टी के पक्ष में गिराने का पूरा प्रयास करें। बताया जा रहा है कि पार्टी ने पहले सात लाख पन्ना प्रमुख तैनात किए थे।

अब इस जिम्मेदारी को बांटने के लिए अर्द्ध पन्ना प्रमुख भी सक्रिय किए गए हैं। यानी अब मतदाता सूची के एक पन्ने को दो लोगों में बांट दिया गया है। ये सभी पिछले दो दिन से सक्रिय हैं। पार्टी ने परिवार संपर्क अभियान चला रखा है। इसके तहत पर्ची बांटने के अलावा अन्य तरीकों से भी ये हर मतदाता से संपर्क करने में जुटे हैं। पार्टी अपनी यह रणनीति अब तक हुए अन्य सभी चुनावों में अपना चुकी है और इसके अच्छे परिणाम भी मिले हैं। अब इसी को राजस्थान में भी लागू किया गया है।

जयपुर के मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र के बूथ 91 के एक पन्ना प्रमुख आनंद शर्मा ने बताया कि हमारी हर बूथ पर 21 लोगों की कार्यकारिणी है। इनमें से चार-पांच लोग मतदान के दिन पोलिंग एजेंट या अन्य जिम्मेदारी संभालेंगे, बाकी सभी पन्ना प्रमुख के रूप में काम कर रहे हैं और उनकी जिम्मेदारी यही है कि मतदाता सूची के उस पन्ने पर जो लोग हैं, उनसे संपर्क कर उन्हें वोट डालने के लिए भेजना।

संघ भी हुआ सक्रिय
पार्टी के इन पन्ना प्रमुखों के साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता भी राजस्थान की ज्यादातर सीटों पर सक्रिय भूमिका निभाते दिख रहे हैं। स्वयंसेवकों को सक्रिय कर दिया गया है और जो अपने आस पास के क्षेत्रों में मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं। प्रांतवार और निचले स्तर तक स्वयंसेवकों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई है। 

Posted By: Preeti jha