जयपुर, जागरण संवाददाता। राजस्थान की झालारापाटन विधानसभा सीट पर इस बार दिलचस्प मुकाबला होगा। हमेशा से सीएम वसुंधरा राजे के लिए आसान रही इस सीट पर कांग्रेस ने इस बार दिग्गज भाजपा नेता जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र को उतारा है।

राजपूत समाज की नाराजगी को देखते हुए चिंतित वसुंधरा राजे जहां विकास के नाम पर वोट मांग रही है। वहीं मानवेन्द्र कहते हैं कि वो अभिमान के सामने स्वाभिमान की लड़ाई लड़ रहे है, इसलिए एक दिन में 20-20 सभाएं कर रहे है । गुरूवार को वसुंधरा राजे और मानवेंद्र सिंह दोनों ने जनसम्पर्क करने के साथ ही कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर शुक्रवार को होने वाले मतदान की रणनीति बनाई। प्रदेश ही नहीं बल्कि देश की नज़रें इस सीट पर टिकी है। वसुंधरा राजे चिंतित जरूर है,लेकिन उन्हे भरोसा है कि मानवेन्द्र सिंह को अब तक के अन्य प्रत्याशियों की तरह बैरंग लौटा दिया जाएगा। मानवेंद्र सिंह भी जानते है कि ये उनका क्षेत्र नहीं है। वे मारवाड़ से आते है। लेकिन स्वाभिमान के नारे और राजपूत समाज की सीएम से नाराजगी के कारण वे उत्साहित जरूर है।

वसुंधरा राजे जहां झालारापाटन के अधिकांश लोगों को चेहरे और नाम से पहचानती है,वहीं मानवेंद्र अब तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं से ही पूरी तरह से परिचित नहीं हो सके है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि जो भी हो इस बार झालारापाटन से मुकाबला दिलचस्प हो रहा है। वसुंधरा राजे को मात देने के लिए कांग्रेस ने कभी दिग्गज मुस्लिम नेता स्व.अबरार अहमद को मैदान में उतारा तो कभी पीसीसी अध्यक्ष रमा पायलट और कभी युवा नेता मीनाक्षी चंद्रावत को टिकट दिया। लेकिन ये वसुंधरा राजे के सामने टिक नहीं पाए।  

Posted By: Preeti jha