जयपुर, नरेन्द्र शर्मा। गुजरात पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल, गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी और दिल्ली जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार की सक्रियता ने राजस्थान में भाजपा की चिंता बढ़ा दी है।

इन तीनों युवा नेताओं की सक्रियता से जहां एक तरफ भाजपा का प्रदेश नेतृत्व परेशान है, वहीं कांग्रेस खुश है । कांग्रेस का मानना है कि इन तीनों नेताओं की सक्रियता को पार्टी को विधानसभा चुनाव में लाभ मिलेगा । तीनों युवा नेताओं के राजस्थान में सक्रिय होने के बाद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल सैनी नए सीरे से रणनीति बनाने में जुटे हैं। इन तीनों ही नेताओं के समर्थक पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर माहौल बनाने में जुटे हैं।

जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पहल पर हार्दिक पटेल और जिग्नेश मेवाणी राजस्थान में भाजपा के खिलाफ प्रचार करने को तैयार हुए हैं। गहलोत इस बात को स्वीकारते हुए कहते हैं। भाजपा के खिलाफ सभी धर्मनिरपेक्ष लोग एकजुट होंगे। मेवाणी तो आधा दर्जन बार प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं। वहीं, हार्दिक पटेल पिछले माह उदयपुर और राजसमंद का दौरा कर चुके हैं। हार्दिक अगले माह उदयपुर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करेंगे। हार्दिक का प्रदेश के गुर्जर नेताओं के साथ भी संपर्क है। पीसीसी अध्यक्ष सचिन पायलट ने दोनों नेताओं की प्रदेश में सक्रियता का राजनीतिक लाभ लेने को लेकर अपने समर्थकों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी है।

दलित और गुर्जर मतदाताओं के साथ ही युवा वोट बैंक को लेकर पायलट इन दोनों नेताओं का राजनीतिक लाभ लेने में जुट गए हैं। दिल्ली स्थित जेएनयू विवि.छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार अक्टूबर से प्रदेश का दौरा प्रारंभ करेंगे। वे पिछले दिनों सीपीआई के एक कार्यक्रम में जयपुर आकर युवाओं से बातचीत कर चुके हैं। सीपीआई जिन विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी, उन पर कन्हैया कुमार प्रचार कर सकते हैं।

तीनों नेताओं के अपने-अपने समीकरण
गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी दलित समाज की राजनीति कर रहे हैं। वे पिछले तीन माह में टोंक, नागौर, जयपुर, झुंझुंनू, श्रीगंगानगर और बांसवाड़ा जिलों का दौरा कर दलित सम्मेलन को संबोधित कर चुके है। कांग्रेस को उम्मीद है कि प्रदेश में एससी वर्ग के लिए आरक्षित 34 विधानसभा सीटों का मेवाणी आगामी दो माह में दौरा करेंगे तो उसे लाभ होगा। वहीं, पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल गुजरात से सटे उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, राजसमंद और चित्तौड़गढ़ जिलों में सक्रिय है। इन जिलों में उनके काफी संख्या में समर्थक भी है।

इसके साथ ही आरक्षण को लेकर आंदोलन कर रहे गुर्जर नेताओं के साथ भी हार्दिक पटेल के रिश्ते अच्छे हैं। कांग्रेस इसका भी राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करेगी है। प्रदेश के गुर्जर नेता हिम्मत सिंह खुद के और हार्दिक के संबंधों को स्वीकारते हुए कहते हैं। हम एक ही तरह से अपने-अपने समाजों के हक के लिए लड़ रहे हैं।

जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार की प्रदेश युवा मतदाओं में पहचान हैं। पिछले दिनों वे जयपुर आए तो काफी बड़ी संख्या में युवा उनके समर्थन में जुटे थे।  

Posted By: Preeti jha