जयपुर, जेएनएन। राजस्थान हाई कोर्ट के निर्देश पर राजस्थान भाजपा ने मंगलवार को कोर्ट में राजस्थान गौरव यात्रा में अब तक हुए खर्च का हिसाब पेश किया। पार्टी की ओर से दिए गए हिसाब के अनुसार, अब तक पार्टी ने विभिन्न मदों में 1.10 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। हालांकि, इस मामले में याचिकाकर्ता ने एक और आवेदन पेश कर कहा है कि सरकार की ओर से लगातार इस यात्रा में व्यवस्थाओं के लिए टेंडर निकाले जा रहे हैं। इस मामले में जवाब पेश करने के लिए सरकार ने समय मांगा है। अगली सुनवाई अब 25 जुलाई को होगी।

हाई कोर्ट में अधिवक्ता विभूति भूषण शर्मा ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा निकाली जा रही गौरव यात्रा में सरकारी धन के इस्तेमाल को लेकर जनहित याचिका दायर की थी। याचिका की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नंद्राजोग की खंडपीठ ने भाजपा से खर्च का ब्योरा पेश करने को कहा था। राज्य भाजपा के अध्यक्ष मदनलाल सैनी की ओर से मंगलवार को सुनवाई के दौरान खर्च का ब्योरा पेश किया गया। इसके साथ ही यह भी कहा गया कि यह यात्रा 40 दिन चलेगी और इस दौरान मुख्यमंत्री को अपने सरकारी दायित्व भी पूरे करने हैं। कई स्थानों पर मुख्यमंत्री लोकार्पण और शिलान्यास के कार्यक्रम भी कर रही हैं और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से भी मुलाकात कर रही हैं।

ऐसे में इन सब के लिए जो खर्च हो रहा है, वही सरकार कर रही है, बाकी सारा खर्च पार्टी की ओर से किया जा रहा है। जवाब में यह भी कहा गया है कि यात्रा सड़क मार्ग से जा रही है और जहां सड़कों में किसी तरह की समस्या है, उन्हें ठीक करने के लिए ही सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा खर्च किया जा रहा है। पार्टी की ओर से पेश जवाब में कहा गया है कि यात्रा की शुरुआत के लिए चारभुजा मंदिर और राजसमंद में हुए कार्यक्त्रम का खर्च पार्टी ने ही उठाया है। जवाब में कहा गया है कि यह जनहित याचिका नहीं है बल्कि राजनीति से प्रेरित याचिका है। इसलिए इसे खारिज किया जाना चाहिए।

याचिकाकर्ता ने लगाया नया प्रार्थनापत्र

इस बीच, मंगलवार को ही याचिकाकर्ता विभूति भूषण शर्मा की ओर से एक नया प्रार्थना पत्र पेश किया गया है। इसमें कहा गया है कि सरकार की ओर गलत शपथ पत्र दिए जा रहे हैं, क्योंकि सरकारी विभागों की ओर से लगातार इस यात्रा के लिए काम का नाम बदल कर टेंडर दिए जा रहे हैं। याचिकाकर्ता ने ऐसे करीब 22 टेंडरों की सूची भी प्रार्थना पत्र के साथ पेश की है। कोर्ट ने इस प्रार्थनापत्र पर भी सरकार से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को रखी गई है।

यह बताया भाजपा ने खर्च

आयरन डोम, स्टेज आदि - 41.30 लाख रुपये

बैनर पोल आदि- 75 हजार 224 रुपये

किराए पर गाडि़यां - दो लाख 34 हजार 123 रुपये

कट आउट प्रचार सामग्री- 38 लाख 22 हजार 907 रुपये

विज्ञापन - 25 लाख 99 हजार 448 रुपये

उदयपुर सम्भाग में रथ का खर्च, खाना आदि- एक लाख 40 हजार 240 रुपये

Posted By: Sachin Mishra

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