जयपुर, जेएनएन। दिसंबर में विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही राजस्थान भाजपा अपने मुख्य संगठन के साथ ही युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, अनुसूचित जाति-जनजाति मोर्चा और अन्य अग्रिम संगठनों को सक्रिय करेगी। चुनाव में इन सबकी अलग-अलग जिम्मेदारी तय की गई है और पंचायत समितियों, निकायों, विधानसभा क्षेत्रों में इनके कार्यकर्ता अपने वर्ग से संबंधित मतदाताओं को पार्टी से जोड़ने का काम करेंगे।

प्रदेश भाजपा ने इस बार चुनाव की रणनीति के लिए अलग-अलग स्तर पर तैयारी की है। प्रदेश स्तर पर बनाई गई समितियों के अलावा निचले स्तर पर विस्तारकों और जिला प्रभारियों के जरिए काम किया जा रहा है। प्रदेश के 200 में से 192 विधानसभा क्षेत्रों में विस्तारकों को भेजा जा चुका है। इन्हें फील्ड में घूमने और काम करने के लिए मोटरसाइकिलें और खर्च भी दिया जा चुका है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के विशेष निर्देश पर तैनात किए गए ये विस्तारक संभाग स्तरीय विस्तारकों के संपर्क में हैं और उन्हें हर दिन की गतिविधि की रिपोर्ट भेज रहे हैं। इन्हें विधानसभा क्षेत्रों में बूथ कमेटियों को सक्रिय करने, पार्टी की गतिविधियां कराने और क्षेत्र की जमीनी स्थिति का नियमित फीडबैक देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके तहत अनुसूचित जाति व जनजाति, युवा और महिला मोर्चो के लिए अलग-अलग काम तय किए गए हैं।

अनुसूचित जाति मोर्चा राजस्थान में इस वर्ग की आबादी की अधिकता वाली 4100 ग्राम पंचायतों में अपने कार्यकर्ताओं के जरिये काम करेगा। मोर्चा के अल्पकालीन विस्तारक पार्टी के लिए प्रचार करेंगे। वहीं, अनुसूचित जाति मोर्चा प्रदेश की उन 67 विधानसभा क्षेत्रों में सक्रिय रहेगा, जहां जनजातीय आबादी अधिक है। पार्टी का महिला मोर्चा 191 शहरी निकायों में पार्टी के प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी संभालेगा। युवा मोर्चा ने अलग-अलग क्षेत्रों के लिए रथ रवाना किए हैं। इनके जरिये मोर्चा युवाओं के बीच विभिन्न कार्यक्रम कर पार्टी का प्रचार करेगा।

सम्मेलन भी होंगे :

पार्टी चुनाव तक सभी विधानसभा क्षेत्रों में 1270 सम्मेलन आयोजित करेगी। ये सम्मेलन अलग-अलग वर्गो जैसे अनुसूचित जाति, जनजाति, किसान, सहकारिता, युवा और महिलाओं के होंगे। हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम सात सम्मेलन तय किए गए हैं। कुछ जगहों पर दो विधानसभा सीटों के सम्मेलन एक साथ कराए जाएंगे। इन वर्गो के राज्यस्तरीय सम्मेलन भी होंगे।

इनमें युवा मोर्चा का राज्यस्तरीय सम्मेलन जोधपुर में, किसानों का सम्मेलन किसान राजनीति का केंद्र रहे नागौर में, पूर्व सैनिकों का सम्मेलन सीकर में (क्योंकि राजस्थान में सबसे ज्यादा सैनिक शेखावटी इलाके से ही जाते हैं) होगा। इसके अलावा सहकारिता व नगर निकाय प्रमुखों और प्रबुद्धजन का राज्यस्तरीय सम्मेलन जयपुर में होगा।

Posted By: Preeti jha