जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान विधानसभा चुनाव के मैदान में सत्तारूढ़ दल भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच सियासी जंग जारी है। भाजपा जहां "राजस्थान गौरव यात्रा" के जरिए चुनावी राह को आसान बनाने में लगी है। वहीं, कांग्रेस "संकल्प रैली" के जरिए आम मतदाताओं से जुड़ने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस की चौथी "संकल्प रैली" मंगलवार को पूर्वी राजस्थान के करौली जिला मुख्यालय पर हुई। संकल्प रैली के माध्यम से कांग्रेस नेता एकजुटता दिखाने का भी प्रयास कर रही है। संकल्प रैली में भाग लेने के लिए कांग्रेस के तमाम नेता बड़े नेता एक साथ बस में जयपुर से करौली पहुंचे।

करौली में रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने झूठ बोलकर चुनाव जीता है। कांग्रेस ने हार को विनम्रता से स्वीकार किया, लेकिन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बहुमत का सम्मान नहीं किया। गहलोत ने रैली में पहुंचे लोगों से कांग्रेस को जिताने का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि चुनाव में टिकट किसी एक को मिलता है, टिकट मिलने के बाद सभी को मिलकर प्रत्याशी को जिताने में एकजुट होकर जुटना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को टिकट नहीं मिलेगा, उनका सरकार बनने पर उपयोग किया जाएगा।

इस मौके पर पीसीसी अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि दो माह बाद भाजपा का बोरिया-बिस्तर गंगाजी में पहुंचा दिए जाएगा। पायलट ने कहा कि भाजपा राज में माफिया को पनपाया गया, दलित, आदिवासी और किसानों के साथ अत्याचार हुए हैं। उन्होंने नया राजस्थान बनाने के लिए कांग्रेस को मत एवं समर्थन देने की अपील की। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडे, पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. सीपी जोशी और पूर्व महासचिव मोहन प्रकाश ने भी रैली को संबोधित किया।

पायलट ने बाइक चलाई, गहलोत पीछे बैठे

करौली से करीब पांच किलोमीटर पहले लगे वाहनों के जाम एवं भीड़ के कारण सचिन पायलट और अशोक गहलोत एक ही बाइक पर सवार होकर रैली स्थल पर पहुंचे। पायलट ने बाइक चलाई और गहलोत उनके पीछे बैठे, हालांकि दोनों ने ही हेलमेट नहीं लगा रखे थे।

मोहन प्रकाश ने गहलोत को राहुल के बाद दूसरे नंबर का नेता बताया

कांग्रेस के पूर्व महासचिव मोहनप्रकाश ने रैली में संबोधित करते हुए अशोक गहलोत को पार्टी में राहुल गांधी के बाद दूसरे नंबर का नेता बताया। गहलोत और सचिन पायलट के बीच चल रही वर्चस्व की लड़ाई के दौरान मोहनप्रकाश द्वारा गहलोत की प्रशंसा करने के कई मायने निकाले जा रहे हैं। 

Posted By: Sachin Mishra